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Wednesday, February 18, 2026
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    Bihar Floor Test : बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार ने जीता विश्वास मत

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    पटना (एजेंसी)। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार ने आज विधानसभा में विश्वास मत  (Bihar Floor Test) हासिल कर लिया। नवगठित महागठबंधन सरकार के विश्वास मत हासिल करने के लिए बुधवार को विधानसभा की आहूत बैठक में नीतीश सरकार के पक्ष में 160 सदस्यों ने वोट किया। वहीं, विपक्षी सदस्यों के सदन से बर्हिगमन के कारण सरकार के विपक्ष में एक भी मत नहीं पड़े। नीतीश सरकार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) और एक निर्दलीय समेत 164 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। लेकिन, बीमार होने के कारण जदयू के विजेंद्र प्रसाद यादव और बीमा भारती तथा अन्य वजह से भाकपा के सूर्यकांत पासवान और हम के प्रफुल्ल मांझी आज सदन में उपस्थित नहीं हो सके। ऐसे में नीतीश सरकार के पक्ष में 160 सदस्यों ने विश्वास जताया, जिसमें आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अख्तरुल ईमान भी शामिल हैं। सदन का संचालन विधानसभा उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी ने किया इसलिए वह मतदान में शामिल नहीं हुए।

    देवेश चंद्र ठाकुर का बिहार विधान परिषद का सभापति निर्विरोध चुना जाना तय

    जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री देवेश चंद्र ठाकुर का बिहार विधान परिषद का सभापति निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। विधान परिषद में सभापति पद के लिए नामांकन की निर्धारित समयसीमा बुधवार बारह बजे दिन तक देवेश चंद्र ठाकुर के पक्ष में पांच सेट में नामजदगी का पर्चा दाखिल किया गया। किसी अन्य उम्मीदवार के नामांकन दाखिल नहीं करने के कारण ठाकुर का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा गुरुवार को सदन के अंदर ही की जाएगी। बिहार विधान परिषद में सभापति का पद काफी समय से रिक्त था। कार्यकारी सभापति के रूप में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अवधेश नारायण सिंह काम कर रहे थे। इस वर्ष नौ अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से नाता तोड़ 10 अगस्त को महागठबंधन की सरकार बनाने के बाद से तय माना जा रहा था कि परिषद के सभापति पद की जिम्मेवारी महागठबंधन के ही किसी सदस्य को दी जाएगी।

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