गाजियाबाद(सच कहूं/रविन्द्र सिंह)। राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद के संजय नगर स्थित निटरा में एक दिवसीय राष्ट्रिय कांफ्रेंस का आयोजन हुआ। जिसका विषय “सुरक्षात्मक वस्त्रों में नवाचार था। इस राष्ट्रिय सम्मलेन का उदघाटन मुख्य अतिथि गिरिराज सिंह कैबिनेट वस्त्र मंत्री, भारत सरकार ने किया। इस अवसर पर मंत्री ने निटरा महानिदेशक डॉ एम् एस परमार के साथ ऑक /अकौआ/मिल्कवीड की खेती का निरिक्षण किया और इस फसल की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने वैज्ञानिकों और पत्रकारों से इस नवोन्मेषी खेती की जानकारी साझा की और इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने “स्वेदेशी और आत्मनिर्भर भारत” को साकार करने वाला कदम बताया. उन्होंने डॉ परमार की तहे दिल से भूरी भूरी प्रशंसा की और मिल्क वीड फाइबर का सूत्रधार बताया। उन्होंने कहा कि ये पौधा भारतीय संस्कृति का प्रतीक है और इसके प्रत्येक हिस्से जैसे फल, तना आदि का प्रयोग डॉ परमार ने अपने वैज्ञानिक तरीके से करके बहुत से उत्पादों को निर्मित किया है जिन्हें स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने भी सराह है। कांफ्रेंस का शुभारम्भ मुख्य अतिथि मंत्री केंद्र सरकार गिरिराज सिंह ने, मुख्य कार्यकारी अधिकारी कीवीआईसी, रूप राशी , संयुक्त सचिव मनीषा चटर्जी, निटरा चेयरमैन विदित जैन, निटरा डिप्टी चेयरमैन संदीप होरा और निटरा महानिदेशक डॉ एम् एस परमार के द्वारा विधिवत दीप प्रज्जवलन कर किया गया।

निटरा महानिदेशक ने कहा कि ये कांफ्रेंस सुरक्षात्मक वस्त्रों के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगी। निटरा के चेयरमैन विदित जैन अपने स्वगतभाषण में निटरा की अन्य उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और डॉ एम् एस परमार की अनुसन्धान क्षमता की प्रशंसा की, उन्होंने मुख्यातिथि श्री सिंह से अनुरोध किया की आप अपना सानिध्य निटरा पर बनाये रखें। निटरा देश की प्रगति में अपना अमूल्य योगदान देती रहेगी। तदुपरान्त मंच से गिरिराज सिंह और डॉ परमार द्वारा मिल्कवीड पर लिखित पुस्तक का विमोचन किया साथ एक वृत्तचित्र (डाक्यूमेंट्री )क्लो सेल टी एम को रिलीज़ किया. इसे नवागंतुक पीढ़ी और किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना दस्तावेज़ बताया।उन्होंने बताया कि डॉ परमार के निर्देशन में अभी इस खेती को निटरा के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों उगाया जा रहा है और उसका निरिक्षण और अंकेक्षण देश नामचीन वैज्ञानिक कर रहे हैं. इसके बाद इसे किसानों को व्यासायिक रूप से उगाने के लिए प्रेरित किया जायेगा। कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने उदबोधन में निटरा के अनुसन्धान और विकास की प्रशंशा की और कहा कि वस्त्र मंत्रालय ही नहीं पूरे देश को इनके द्वारा किये गए अनुसंधानों पर गर्व है। मिल्कवीड की खेती भारतीय किसानों के लिए वरदान सिद्ध होगी ऐसा डॉ परमार और उनकी टीम के द्वारा किये गए अंकेक्षण से सामने आया है इसमें कम लागत से काफी अधिक आय होने का अनुमान है. सबसे बड़ी बात अब तक की रिसर्च में ये पूरा पौधा ही आय का स्रोत सिद्ध हुआ और पूरे देश से आंकड़े एकत्रित किये जा रहे हैं।
इसमें कोई दोराय नहीं कि इस प्राचीन पौधे पर डॉ परमार की रिसर्च ने मोदी जी के सपने “स्वेदेशी और आत्मनिर्भर भारत” को साकार करने में योगदान दिया है। तत्पश्चात दोनों मंत्रीगण ने एक निटरा द्वारा बनाइ गई स्वदेशी मशीन “मिल्कवीड फ्लोस और सीड सेपरेटर (क्लो सेल टी एम ) का अनावरण किया. ये मशीन मिल्कवीड के बीज और रेशे को अलग करती है। इसके बाद कांफ्रेंस के तकनीकी सत्रों की शुरुआत हुई और प्रबुद्ध वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और उद्योगपतियों ने इस तकनिकी समागम में सिरकत की, अपने अनुसंधानों को चर्चा की और सुरक्षात्मक वस्त्रों के भविष्य को नया आयाम देने पर जोर दिया। इसके बाद डॉ परमार माननीय मंत्रियों और मेहमानों को धन्यवाद दिया और फिर से इस तरह की कांफ्रेंस आयोजित करने की बात कही और इस कांफ्रेंस के प्रायोजक एनटीटीएम और मिशन डायरेक्टर अशोक मल्होत्रा ने वस्त्र मंत्रालय का आभार जताया।















