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Thursday, March 19, 2026
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    live – मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरा

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    live – लोकसभा में 126 के मुकाबले 325 मतों से गिरा |loksabha

    नयी दिल्ली (एजेंसी)। मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष का (loksabha) अविश्वास प्रस्ताव आज लोकसभा में 126 के मुकाबले 325 मतों से गिर गया। तेलुगुदेशम् पार्टी सदस्य के. श्रीनिवास द्वारा पेश अविश्वास प्रस्ताव पर करीब 10 घंटे चली चर्चा का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब डेढ़ घंटे तक जवाब दिया।

    इसके बाद मत विभाजन में प्रस्ताव के पक्ष में 126 और विरोध में 325 मत पड़े। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने मत विभाजन का ब्योरा देते हुये घोषणा की कि अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है। प्रस्ताव में कहा गया था – यह सदन मंत्रिपरिषद् के प्रति अविश्वास व्यक्त करता है।

    सरकार में शामिल शिवसेना ने भी चर्चा का बहिष्कार किया | loksabha

    बीजू जनता दल ने प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होने से पहले ही सदन से यह कहते हुये बहिर्गमन कर दिया था कि पिछले 14 साल में संप्रग और राजग सरकारों के कार्यकाल में ओडिशा की जनता के साथ लगातार अन्याय हुआ है तथा इस चर्चा से भी राज्य को कोई लाभ नहीं होने वाला है, इसलिए उनकी पार्टी सदस्य सदन से बाहर जा रहे हैं। सरकार में शामिल शिवसेना ने भी चर्चा का बहिष्कार किया। लोकसभा के असंबद्ध सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भी मतदान से ठीक पहले यह कहते हुये सदन से बहिर्गमन किया कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया।

    जिस कांग्रेस का खुद पर भरोसा नहीं, कैसे करेगी हमारे काम पर विश्वास | loksabha

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार की चार साल की उपलब्धियों पर संतोष जताते हुए आज कहा कि पूरी दुनिया उनके काम पर भरोसा जता रही है लेकिन जिस कांग्रेस को खुद पर विश्वास नहीं है वह उनके काम पर कैसे भरोसा कर सकती है। मोदी ने लोकसभा में उनकी सरकार के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस का विश्वास हमारे काम के कारण डगमगा गया है। उसे लग गया है कि 2019 में मोदी को उनके काम के आधार पर सत्ता से बाहर नहीं किया जा सकता है।

    फ्रांस का राहुल के बयान पर स्पष्टीकरण | loksabha

     फ्रांस ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि भारत के साथ 2008 में किया गया सुरक्षा समझौता गोपनीय है और दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरणों की संचालन क्षमताओं के संबंध में इस गोपनीयता की रक्षा करना कानूनी रूप से बाध्यकारी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज लोकसभा में सरकार के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा था कि फ्रांस सरकार के साथ राफेल सौदे में गोपनीयता का कोई करार नहीं हुआ है और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने विमान की कीमत न बताते के बहाने इस संबंध में गलत बयानी की है।

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