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    RoDTEP Yojana: अब सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को आरओडीटीईपी योजना से होगा उल्लेखनीय लाभ : एसोचैम

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    RoDTEP Yojana: अब सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को आरओडीटीईपी योजना से होगा उल्लेखनीय लाभ : एसोचैम

    RoDTEP Yojana: नई दिल्ली। भारत सरकार द्वारा निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों की वापसी संबंधी आरओडीटीईपी योजना के अंतर्गत लाभों की पुनः स्थापना से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को उल्लेखनीय लाभ प्राप्त होगा। इस निर्णय से न केवल निर्यात-प्रक्रिया में सुगमता आएगी, अपितु भारत के औद्योगिक गलियारों में निवेशकों का विश्वास भी सुदृढ़ होगा। ASSOCHAM News

    प्रमुख औद्योगिक संगठन एसोचैम ने 1 जून, 2025 से अग्रिम प्राधिकरण धारकों (एए), निर्यातोन्मुख इकाइयों (ईओयू) तथा विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) से होने वाले निर्यात को पुनः इस योजना के अंतर्गत लाभप्रद बनाए जाने हेतु केंद्र सरकार की सराहना की है। यह निर्णय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि भारत के निर्यात क्षेत्र में अग्रणी योगदानकर्ता आवश्यक प्रोत्साहनों से वंचित न रहें, विशेषतः वर्तमान वैश्विक प्रतिस्पर्धा और घरेलू औद्योगिक सशक्तिकरण के परिप्रेक्ष्य में।

    ”आरओडीटीईपी योजना का विस्तार सभी निर्यातक इकाइयों तक हो”

    एसोचैम के महासचिव श्री मनीष सिंघल ने कहा, “एसोचैम निरंतर यह आग्रह करता रहा है कि आरओडीटीईपी योजना का विस्तार सभी निर्यातक इकाइयों तक हो, जिनमें विशेष आर्थिक क्षेत्र, अग्रिम प्राधिकरण तथा निर्यातोन्मुख इकाइयाँ भी सम्मिलित हैं। यह कदम उन इकाइयों को राहत प्रदान करेगा जिन्हें अब तक लागत के संदर्भ में नुकसान उठाना पड़ता था। साथ ही, यह भारत की विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) प्रतिबद्धताओं के अनुरूप भी है।”

    सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 31 मार्च, 2025 तक इस योजना के अंतर्गत कुल 57,976.78 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है, जो इसके व्यापक प्रभाव को दर्शाता है। वित्त वर्ष 2025-26 हेतु सरकार ने योजना के लिए 18,233 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।

    उल्लेखनीय है कि आरओडीटीईपी योजना 1 जनवरी, 2021 से लागू है और इसका उद्देश्य ऐसे करों एवं शुल्कों की प्रतिपूर्ति करना है जो अन्य योजनाओं के अंतर्गत वापस नहीं किए जाते। सरकार द्वारा जारी नवीनतम अधिसूचना के अनुसार, यह लाभ अब उन 10,795 से अधिक एचएस कोड वाली वस्तुओं पर लागू होगा, जो एए, ईओयू और एसईजेड निर्यातों के अंतर्गत आती हैं। इससे इंजीनियरिंग वस्तुएँ, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, औषधियाँ और वस्त्र उद्योग जैसे क्षेत्रों को विशेष बल मिलेगा। यह योजना पूरी तरह डिजिटल पद्धति पर आधारित है और इसकी पारदर्शिता तथा कार्यकुशलता इसे अन्य योजनाओं से विशिष्ट बनाती है। ASSOCHAM News

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