काम बंद होने से दर-दर भटक रहे हैं नरेगा मजदूर: कश्मीर सिंह
- 1 और 2 अप्रैल को डीसी कार्यालयों के बाहर धरना देंगे कामगार
नाभा (सच कहूँ/तरूण शर्मा)। Nabha NREGA Workers News: ग्रामीण मजदूरों के लिए वर्ष 2005 में लागू राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा) ने 100 दिनों के काम की गारंटी दी थी। इससे मजदूरों को कुछ दिनों का काम मिल जाता था और वे अपने परिवार का पेट भर पाते थे। लेकिन मौजूदा हालात यह हैं कि केंद्र और पंजाब सरकार की लापरवाही के कारण पिछले आठ महीनों से नरेगा बंद पड़ा है। कामगार काम की तलाश में भटक रहे हैं और सरकारें उनकी समस्याओं से मुंह मोड़े बैठी हैं। नरेगा रोजगार प्राप्त मजदूर यूनियन (रजि.) के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड कश्मीर सिंह ने नाभा तहसील के गांव ढीगी और ककराला में हुई बैठकों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार और पंजाब सरकार काम देने के प्रति संवेदनशील नहीं हैं। Nabha News
पिछले वर्ष 2025-26 में जिन कामगारों ने काम के लिए आवेदन देकर रसीदें प्राप्त की थीं, उन्हें आठ महीनों से न तो काम मिला और न ही नरेगा 2005 के अनुसार बेरोजगारी भत्ता। गुदाईआ ने कहा कि कामगारों ने आवेदन देकर काम माँगा था, यह उनका अधिकार है, कोई भीख नहीं। कामरेड कश्मीर ने घोषणा की कि 1 और 2 अप्रैल को कामगार डीसी कार्यालयों के बाहर धरना देंगे। इन दिनों में बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन भरकर डीसी कार्यालयों में जमा किए जाएँगे। उन्होंने कहा कि सरकारों की लापरवाही का सबक जनता 2027 के चुनावों में सिखाएगी। बैठकों को कश्मीर सिंह गुदाईआ, हरपाल कौर ढीगी, भिंदर सिंह गुदाईआ, अमनदीप कौर ककराला और राजिंदर सिंह ककराला ने संबोधित किया। उन्होंने कामगारों से कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखें। Nabha News
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