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Saturday, February 28, 2026
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    MSG Maha Rahmokaram Month: ”हर व्यक्ति यहाँ का अधिकारी नहीं, यहाँ उसी को स्थान मिलता है, जिसे ऊपर से हुक्म होता है’’

    MSG Maha Rehmokaram Month
    Param Pita Shah Satnam Ji

    Param Pita Shah Satnam Ji: शाम को जुलूस की वापसी पर पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज ने स्वयं गेट के बाहर खड़े होकर आप जी का और शहनशाही जुलूस का स्वागत किया और साध-संगत के बीच खड़े होकर यह वचन भी फरमाया कि हरबंस सिंह जी (पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज का पहला नाम) को आज ‘आत्मा से परमात्मा’ कर दिया है। यह इनकी बहुत बड़ी कुर्बानी है।’ MSG Maha Rahmokaram Month

    आपजी को नए-नए नोटों के हार पहनाकर पूजनीय बेपरवाह साईं जी स्वयं अपने साथ तेरावास में लेकर गए। तीन मंजिला तेरावास पूजनीय बेपरवाह साईं जी ने आप जी की ही हवेली के मलबे अर्थात ईंटें, लकड़ी-बालों, गार्डरों आदि का उपयोग कर और स्वयं मिस्त्रियों के पास खड़े रहकर अपने निर्देशन में पूरी मजबूती से बनवाया था। पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज ने 28 फरवरी 1960 को जुलूस के बाद सुंदर तेरावास आप जी को उपहार स्वरूप भेंट की और इस संबंधी वचन फरमाए, ‘सतगुरु के हुक्म से यह गोल तेरावास बनाई गई है।

    यह सतनाम सिंह जी को पुरस्कार स्वरूप दी गई है।’ साथ ही फिर से स्पष्ट करते हुए फरमाया, ‘सतनाम सिंह जी का नाम पहले सरदार हरबंस सिंह जी था। यह ईश्वरी शक्ति श्री जलालआणा साहिब, जिला सरसा की रहने वाली है। राम-नाम को हासिल करने के लिए इन्होंने अपना घर-मकान तोड़ा। इसलिए यह तेरावास इन्हें इनाम में मिला है। हर व्यक्ति यहाँ स्थान लेने का अधिकारी नहीं है और यहाँ उसी को स्थान मिलता है, जिसे ऊपर से हुक्म होता है।’ MSG Maha Rahmokaram Month