हमसे जुड़े

Follow us

12.4 C
Chandigarh
Monday, February 16, 2026
More
    Home कारोबार Open AI: ओपेन...

    Open AI: ओपेनएआई ने चैटजीपीटी से GPT-4o हटाया, दुनिया भर के यूजर्स ने जताया विरोध

    OpenAI

    ChatGPT Updates: नई दिल्ली। कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र की अग्रणी कंपनी OpenAI ने अपने चैटजीपीटी मोबाइल अनुप्रयोग से GPT-4o मॉडल को हटाने का निर्णय लिया है। इस कदम के बाद विश्व के अनेक उपयोगकर्ताओं, विशेषकर चीन के तकनीक-प्रेमी समुदाय में गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कई लोग इस मॉडल को केवल तकनीकी साधन नहीं, बल्कि संवादात्मक साथी के रूप में देखते थे। Open AI News

    अगस्त 2025 में कंपनी ने पहली बार GPT-4o को सीमित करने की कोशिश की थी। उस समय अनेक उपयोगकर्ताओं ने इसे नए संस्करणों की तुलना में अधिक संवेदनशील, सहानुभूतिपूर्ण और संवादशील बताया था। विरोध बढ़ने पर कंपनी ने इसे सशुल्क ग्राहकों के लिए पुनः उपलब्ध कराया, किंतु अब 13 फरवरी से इसे पुनः ऐप से हटा दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, शीघ्र ही डेवलपर्स के लिए इसकी एपीआई सुविधा भी समाप्त की जा सकती है।

    शोध में सामने आई भावनात्मक जुड़ाव की प्रवृत्ति | Open AI News

    Syracuse University की शोधकर्ता हुईकियान लाई ने सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर हजारों पोस्ट का अध्ययन किया। उनके विश्लेषण में पाया गया कि लगभग एक-तिहाई उपयोगकर्ताओं ने चैटबॉट को सामान्य उपकरण से अधिक महत्व दिया, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने इसे “साथी” के रूप में वर्णित किया। #Keep4o हैशटैग के अंतर्गत हजारों संदेश साझा किए गए और एक ऑनलाइन याचिका पर हजारों हस्ताक्षर भी हुए।

    यद्यपि चीन में चैटजीपीटी की सीधी पहुंच अवरुद्ध है, फिर भी अनेक उपयोगकर्ता वीपीएन के माध्यम से सेवा का उपयोग करते रहे हैं। वहां भी GPT-4o के हटने पर निराशा और असंतोष व्यक्त किया जा रहा है। कुछ उपयोगकर्ताओं ने अपनी सदस्यता समाप्त करने की चेतावनी दी है और कंपनी नेतृत्व, विशेषकर Sam Altman की आलोचना की है।

    कंपनी का पक्ष | Open AI News

    कंपनी का कहना है कि डेवलपर्स अब भी आधारभूत मल्टीमॉडल मॉडल को एपीआई के माध्यम से उपयोग कर सकेंगे, किंतु कई समर्थकों का मत है कि नवीनतम टेक्स्ट-आधारित संस्करण की तुलना में पूर्व मॉडल अधिक स्वाभाविक संवाद प्रदान करता था। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रकरण दर्शाता है कि एआई सेवाएं केवल सूचना का माध्यम नहीं रहीं, बल्कि अनेक लोगों के लिए भावनात्मक सहारा भी बन चुकी हैं।