हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंभा गांव में एक नाबालिग बालिका के साथ हुई जघन्य अपराध की घटना के विरोध में जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इस घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी तथा स्थानीय नागरिकों के आह्वान पर सोमवार को आयोजित “हजारीबाग बंद” का व्यापक प्रभाव जिले के कई क्षेत्रों में देखा गया। Hazaribagh Bandh
हजारीबाग नगर, विष्णुगढ़ प्रखंड मुख्यालय तथा आसपास के बाजार क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करते दिखाई दिए। कई स्थानों पर व्यापारिक प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रखे गए, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। इस दौरान मनीष जायसवाल, मनोज कुमार यादव तथा विवेकानंद सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने घटना के दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की।
कई स्थानों पर दुकानों के बंद रहने से बंद का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया
विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के झुमरा बाजार, सात माइल तथा अन्य कई स्थानों पर दुकानों के बंद रहने से बंद का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कई इलाकों में नागरिकों ने एकजुट होकर प्रशासन के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि इतनी गंभीर घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना कानून-व्यवस्था की स्थिति पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी।
बताया गया कि बालिका बीते सप्ताह रामनवमी के अवसर पर निकली शोभायात्रा देखने के लिए घर से बाहर गई थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। अगले दिन गांव के समीप झाड़ियों से उसका शव बरामद होने के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का वातावरण बन गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। प्रशासन ने जिले में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करते हुए स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखी है और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। Hazaribagh Bandh















