पैक्सें बन रहीं घोटालों का केन्द्र, दोनों हाथों से लूट रहे कर्मचारी
- अलीकां, चौटाला, डबवाली, दमदमा, मल्लेकां, बनसुधार व गोरीवाला पैक्सों में हो चुके हैं करोड़ों के घोटाले
सरसा/ओढ़ां (सच कहूँ/राजू)। Odhan News: किसानों की कृषि जरूरतों को पूरा करने के लिए बनी प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (पैक्स) गबन का केन्द्र बनकर रह गई है। ताजा मामला सरसा जिला के गांव शाहपुर बेगू का है जहां पैक्स के 3 कर्मचारियों ने अपने पद का दुरुपयोग कर पैक्स को मोटा चूना लगा डाला। इस मामले की हुई जांच में दोषी पाए जाने पर तीनों कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। गौरतलब हो कि पैक्स में गबन की बात कोई नई नहीं है। इससे पहले सरसा जिला में कई पैक्सों में करोड़ों रुपये के बड़े घोटाले सामने आ चुके हैं। जिनमें से अधिकतर कार्रवाइयां किन्हीं कारणों से ठंडे बस्ते में डली हुई हैं। Sirsa News
दरअसल गांव शाहपुर बेगू की पैक्स में पैक्स प्रबंधक रवि कुमार तथा सेल्समैन रणजीत सिंह व हरि सिंह तीनों ने कुछ समय पूर्व अपने पद का दुरुपयोग करते हुए खाद व अन्य उत्पादों में मोटा गबन किया। करीब 3 माह पूर्व जब विकास अधिकारी ने पैक्स के रिकॉर्ड की जांच की तो उसमें 56 लाख का स्टॉक कम पाया गया। सामने आया कि कर्मचारियों ने खाद व अन्य उर्वरक तो बेच दिए, लेकिन उसकी राशि जमा न करवाकर खुद डकार गए। जिसके बाद विकास अधिकारी ने महाप्रबंधक ऋषिपाल (सीबी सरसा) को मामले बारे अवगत करवाया। जिसके बाद महाप्रबंधक ने विभागीय नियमानुसार पैक्स प्रबंधन कमेटी को दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने हेतु लिखा। प्रबंधन कमेटी ने रिकवरी के उद्देश्य से उक्त तीनों कर्मचारियों को 15 दिन के भीतर गबन की राशि जमा करवाने के नोटिस जारी किए, लेकिन उन्होंने राशि जमा नहीं करवाई। जिसके बाद प्रबंधन कमेटी ने महाप्रबंधक को उक्त कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हेतु लिख दिया।
कमेटी की रिपोर्ट पर महाप्रबंधक ने तीनों कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ-साथ महाप्रबंधक ने सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां सरसा संजीव कुमार को तीनों आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने हेतु कहा है। शाहपुर बेगू जिला की बड़ी पैक्सों में आती है। इसके अधीन करीब 20 गांव पड़ते हैं। इन गांवों के किसानों को करीब 3 माह से खाद तक नहीं मिली। जिसका कारण ये रहा कि पूर्व में बेची गई खाद का पैसा तो पैक्स प्रबंधक व दोनों सेल्समैन खुद डकार गए। जिसके चलते खाद की खरीद-बेच का पूरा सर्कल ही रुक गया। शाहपुर बेगू पैक्स में गेहूं व नरमे-कपास का बीज आया था। जिसमें से तीनों कर्मचारी करीब 4 लाख रुपये का गेहूं का बीज व करीब 40 हजार रुपये का नरमे-कपास का बीज बाहर की बाहर बेचकर खा गए।
इससे पहले भी दोनों सेल्समेन कर चुके है हेर-फेर, पता चला तो जमा करवा दी मूल राशि | Sirsa News
इस मामले में सस्पेंड हुए सेल्समेन रणजीत सिंह व हरि सिंह दोनों पहले भी कथित रूप से हेर-फेर कर चुके हैं। वर्ष 2019-20 में दोनों ने स्टॉक में 20 लाख की हेर-फेर की थी। जब मामला पकड़ में आया तो दोनों सेल्समेन आनन-फानन में मूल राशि जमा करवाकर कार्रवाई से बच निकले।
कार्रवाई ठंडे बस्ते में :-
पैक्सों में घोटाला कोई नई बात नहीं है। कहीं खाद में गबन तो कहीं फर्जी लोन तो कहीं अन्य तौर-तरीकों के जरिए कर्मचारियों ने घोटाले कर पैक्स का नाम धूमिल कर रखा है। सरसा जिला में अलीक ां, चौटाला, डबवाली, दमदमा, मल्लेकां, बनसुधार व गोरीवाला सहित अनेक पैक्सों में मोटे घोटाले सामने आ चुके हैं। इनमें से सबसे बड़ा घोटाला वर्ष 2025 में गांव चौटाला में सामने आया जोकि करीब 3 करोड़ का था।
इसके अतिरिक्त अलीकां पैक्स में वर्ष 2018 में 1.15 करोड़, मल्लेकां पैक्स व ब्रांच दोनों में वर्ष 2023 में करीब 1 करोड़, डबवाली पैक्स में वर्ष 2025 में करीब 75 लाख के गबन शामिल हैं। इसके अलावा भी कई पैक्सों में खाद में छोटे-मोटे गबन होना तो आम सी बात हो गई है। ताजुबदार बात तो ये है कि इन घोटालेबाजों में अधिकतर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते घोटालेबाजों के हौसले बुलंद हैं।
खाद के स्टॉक में गबन सामने आया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर तीनों कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं एआर को तीनों दोषी कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर करवाने हेतु लिखा गया है।
-ऋषिपाल, महाप्रबंधक (सीबी सरसा)
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