उच्च न्यायालय ने सजा को अपील के अंतिम निर्णय तक किया स्थगित
Patwari Jagveer Singh Dismissed: हनुमानगढ़। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के एक प्रकरण में दोषसिद्ध पाए जाने के बाद जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पटवारी जगवीर सिंह को राजकीय सेवा से पदच्युत/डिस्मिस कर दिया है। यह कार्रवाई सेशन न्यायाधीश, विशिष्ट न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम प्रकरण), श्रीगंगानगर के 28 नवंबर, 2025 के निर्णय के आधार पर की गई है, जिसमें अभियुक्त को अलग-अलग धाराओं में दो वर्ष के कारावास व 5000 रुपए अर्थदंड तथा तीन वर्ष के कारावास व 7000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया था। Hanumangarh News
इस निर्णय के विरुद्ध जगवीर सिंह की ओर से उच्च न्यायालय राजस्थान में अपील प्रस्तुत की, जिस पर उच्च न्यायालय ने विशिष्ट न्यायालय श्रीगंगानगर के आदेश से सजा को अपील के अंतिम निर्णय तक स्थगित कर दिया। हालांकि, उच्च न्यायालय की ओर से दोषसिद्धि को स्थगित नहीं किया गया। इसी आधार पर राजस्थान सिविल सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 1958 के नियम 19(1) एवं राज्य सरकार के परिपत्र के प्रावधानों के तहत उन्हें सेवा में बनाए रखना अवांछनीय माना गया।
जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने आदेश जारी करते हुए भादरा तहसील के गांव बैर निवासी जगवीर सिंह पुत्र दुनीराम को 9 अप्रैल, 2026 से राजकीय सेवा से पदच्युत (डिस्मिसल फ्रॉम सर्विस) कर दिया है। आदेशानुसार, उन्हें निलंबन अवधि के दौरान दिए गए निर्वाह भत्ते के अतिरिक्त अन्य कोई परिलाभ देय नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि जगवीर सिंह की राज्य सेवा में नियुक्ति 23 अप्रैल, 2003 को हुई थी। Hanumangarh News















