नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में उत्पन्न हो रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक कच्चे तेल के मूल्यों में तेजी दर्ज की गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में देश की तेल विपणन कंपनियों ने प्रीमियम श्रेणी के पेट्रोल के दामों में वृद्धि की है। शुक्रवार से प्रभावी इस संशोधन के अंतर्गत प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में प्रति लीटर लगभग 2 से 2.35 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। Petrol Price Hike
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड सहित प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने अपने उन्नत गुणवत्ता वाले पेट्रोल उत्पादों के मूल्य संशोधित किए हैं। इसके परिणामस्वरूप पावर पेट्रोल और एक्सपी95 जैसे ईंधनों की कीमत लगभग 111.68 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 113.77 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच गई है। हालांकि, सामान्य पेट्रोल एवं डीजल के मूल्यों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिली है। किंतु यह वृद्धि विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगी, जो उच्च-ऑक्टेन युक्त प्रीमियम ईंधन का उपयोग करते हैं।
मूल्यवृद्धि के पीछे कोई औपचारिक कारण घोषित नहीं किया गया
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रीमियम पेट्रोल का उपयोग बेहतर इंजन क्षमता, सुगम संचालन एवं अधिक माइलेज प्राप्त करने के लिए किया जाता है। अतः इसके मूल्य में वृद्धि से उच्च प्रदर्शन वाले वाहनों के स्वामियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ना स्वाभाविक है। यद्यपि इस मूल्यवृद्धि के पीछे कोई औपचारिक कारण घोषित नहीं किया गया है, तथापि बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के मूल्यों में उतार-चढ़ाव तथा परिवहन लागत में वृद्धि इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। 19 मार्च को कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई, जिसके फलस्वरूप ब्रेंट क्रूड का मूल्य लगभग 111 डॉलर प्रति बैरल तथा अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट करीब 99 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
विशेषज्ञों का यह भी मत है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष, विशेषकर ऊर्जा स्थलों को लेकर उत्पन्न तनाव, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकते हैं। इससे ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। भारत जैसे देश, जो अपनी अधिकांश तेल आवश्यकताओं की पूर्ति आयात के माध्यम से करते हैं, ऐसे परिवर्तनों से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होते हैं। वर्तमान में सामान्य ईंधन की कीमतों को स्थिर रखा गया है, किंतु प्रीमियम पेट्रोल में की गई वृद्धि यह संकेत देती है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव का प्रभाव घरेलू बाजार पर पड़ रहा है। यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी प्रकार बनी रहती हैं, तो आगामी समय में ईंधन मूल्यों में और परिवर्तन संभव है। Petrol Price Hike















