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Wednesday, February 18, 2026
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    पुलिस भर्ती: 22 कर्मचारियों में से 21 जलालाबाद से

    • जाखड़ ने सुखबीर पर लगाया घोटाले का आरोप
    • कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त व राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को करेगी शिकायत

    ChandiGarh, Ashwani Chawla:  पंजाब के उप मुख्य मंत्री सुखबीर बादल ने ही अपने विभाग में बड़ा भर्ती घोटाला कर दिया है। पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग की ओर से भर्ती किए गए 22 कर्मचारियों में से 21 कर्मचारी सुखबीर बादल के ही जलालाबाद हलके से हैं, यह सिर्फ इत्तेफाक नहीं बल्कि पूरी तरह सोची समझी साजिश के तहत किया गया है ताकि सुखबीर बादल को विधान सभा चुनावों दरमियान फायदा मिल सके। इन नियुक्तियों को लेकर पंजाब कांग्रेस जल्द ही मुख्य चुनाव कमिश्नर और पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर के पास शिकायत ले कर जा रहे हैं। यह खुलासा पंजाब कांग्रेस के मुख्य वक्ता और सीनियर विधायक सुनील जाखड़ ने चंडीगढ़ में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए किया। जाखड़ ने यहां दोष लगाया कि सुखबीर बादल के ही इशारे पर पंजाब पुलिस ने सभी नियमों को ताक पर रखते हुए 22 दिसंबर को चोरी छिपे इंटेलिजेंस विंग में 22 कर्मचारियों की भर्ती कर दी है। जाखड़ ने वह दस्तावेज जिन दस्तावेजों के अनुसार अडीशनल डॉयरेक्टर जनरल पुलिस इंटेलिजेंस की ओर से 22 व्यक्तियों को इंटेलिजेंस असिस्टेंट पद पर कांस्टेबल रंैक में नियुक्ति देकर उनकी बार्डर पर पड़ते पट्टी इलाके में पोस्टिंग के आर्डर भी हाथों हाथ पकड़ा दिए गए,दिखाते हुआ बताया, इनमें से 21 नियुक्तियां डिप्टी मुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल के चुनावी हलके जलालाबाद में रहने वालों की की गई हैं, जबकि एक अबोहर उप मंडल का निवासी है।
    जाखड़ ने बताया कि नियुक्ति का लाभ लेने वालों में अरनीवाला नगर पंचायत के प्रधान सुखदेव सिंह अरनीवाला, शिअद अनुसूचित जाति विंग के प्रधान प्यारा सिंह और अरनीवाला सर्कल शिअद प्रधान निशान सिंह के अलावा, अबोहर के पास के गांव बहाववाला के कोर सिंह के बेटे शामिल हैं।

    जाखड़ ने कहा कि पंजाब के इतिहास में अब तक हुई बेनियमियों का रिकार्ड तोड़ते हुए ग्रह विभाग के प्रमुख और डिप्टी मुख्य मंत्री सुखबीर बादल ने अपने चुनावी हलके के वर्करों का आचार संहिता लागू होने से कुछ समय पहले सरकारी नौकरियां, प्रशासनिक प्रक्रि या धज्जियां उड़ाने का जो इतिहास रचा है, उसके खिलाफ चुनाव आयोग और राज्यपाल से ऐसे सभी राजनैतिक तुरंत प्रभाव से रद्द करने की मांग की जाएगी।

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