हमसे जुड़े

Follow us

11.3 C
Chandigarh
Wednesday, February 4, 2026
More
    Home राज्य दिल्ली/यूपी विश्व में होन...

    विश्व में होने वाली मौतों का वायु प्रदूषण पांचवा बड़ा कारण

    Pollution

    देश में वायु प्रदूषण की भयावहता को देखते हुए अब देशी तरीके से इससे निपटने की मुहिम शुरू की है

    • चिंताजनक: स्टेट आफ ग्लोबल एयर रिपोर्ट 2019 में हुआ खुलासा (Pollution )

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। विश्व में होने वाली मौतों में सबसे बड़ा पांचवा कारण (Pollution ) वायु प्रदूषण है और यह कुपोषण तथा शराब से होने वाली मौतों के आंकडे को भी पार कर गया है। स्टेट आफ ग्लोबल एयर रिपोर्ट 2019 में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण के कारण अब युवा वर्ग भी इससे प्रभावित हो रहा है और उनमें अस्थमा तथा कैंसर के मामले भी सामने आ रहे हैं। देश के अग्रणी संस्थान टाटा केमिकल्स लिमिटेड ने देश में वायु प्रदूषण की भयावहता को देखते हुए अब देशी तरीके से इससे निपटने की मुहिम शुरू की है और नमक के इस्तेमाल से लोगों को प्रदूषण का मुकाबला करने का अभियान शुरू किया है। टाटा ने इस अनूठे प्रयोग को ‘साल्ट थैरेपी’ का नाम दिया है।

    • टाटा केमिकल्स के विपणन, उपभोक्ता कारोबार के प्रमुख सागर बोके ने गुरुवार को बताया।
    •  यह साल्ट थैरेपी सदियों से घरों में इस्तेमाल की जा रही थी ।
    • और लोगों के गले और सीने में जब भी कोई दिक्कत होती थी।
    • तो वे नमक के पानी के गरारे करते थे ।
    • और अब नमक के इसी प्राकृतिक गुण को टाटा ने घर घर तक पहुंचाने का जिम्मा उठाया है।

    थैरेपी में मरीजों को नमक का इस्तेमाल करके उन्हें भाप के रूप में लेना पड़ता है

    उन्होंने बताया कि इस थैरेपी में मरीजों को नमक का इस्तेमाल करके उन्हें भाप के रूप में लेना पड़ता है और जिन मरीजों की छाती में बलगम अधिक जम जाता है यह वाष्प युक्त नमक उनकी सांस की नलियों को खोल देता है। अब कंपनी ने इसमें थोड़ा बदलाव करते हुए एक विशेष वाहन के भीतर कुछ लैंप लगाए हैं जिसके चारों तरफ पर नमक की एक परत है और इसमें विशेष लैंपों के जरिए इसे बहुत कम गर्म कर वाष्प में बदला जाता है और यह सांस के जरिए भीतर जाकर सांस नलिकाओं को खोल देता है।

    • इस तरह का एक वाहन आम लोगों के लिए निशुल्क बुधवार को लाजपत नगर में लगाया गया था।
    • इसी कड़ी में यह हौज खास में लगाया गया जहां स्थानीय लोगों ने जाकर इस थैरेपी का आनंद निशुल्क उठाया।
    • कंपनी इस तरह के वाहन का इस्तेमाल 14 जनवरी तक विभिन्न क्षेत्रों में करेगी।

    राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर काफी गंभीर

    उन्होंने बताया कि इन दिनों राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर काफी गंभीर हो गया है और अगर कोई व्यक्ति खुले में एक घंटा किसी चौराहे पर खड़ा हो जाए तो वह 30 सिगरेटों के बराबर प्रदूषक तत्व अपने भीतर ले जाता है और लंबे समय तक वायु प्रदूषण के कारण जीवन के कम से कम चार पांच साल कम हो जाते हैं। कईं शोधों से यह बात सामने आई है कि नमक का इस्तेमाल शरीर की कोशिकाओं की सूजन और संक्रमण को कम करता है और नमक के इसी प्राकृतिक गुण को आम लोगों तक पहुंचाया जाना जरूरी है। गौरतलब है कि नमक का रासायनिक संघटन सोडियम क्लोराइड है और हर स्थान पर पाए जाने वाले नमक में प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं।

     

    Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।