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Friday, February 6, 2026
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    बीमारियों को दावत दे रहे प्राइवेट अस्पताल

    Private hospital offering illness

    सरसा (सच कहूँ न्यूज)।
    अस्पतालों से बीमार व्यक्ति स्वस्थ होने की अपेक्षा करता है। मगर सरसा में प्राइवेट अस्पताल बायो मेडिकल वेस्ट को सामान्य कचरे में डालकर बीमारियां फैलाने का काम कर रहें है। जिसके कारण संक्रमण रोगों के फैलने की संभावना बन गई है। नगर परिषद् की टीम ने मंगलवार को मुख्य सफाई निरीक्षक देवेंद्र बिश्नोई की अगुवाई में सफाई निरीक्षक जोगिंद्र सिंह व अन्य कर्मचारियों के नेतृत्व में शहर के दर्जनभर प्राइवेट अस्पतालों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्राइवेट अस्पतालों द्वारा बायो मेडिकल वेस्ट को सामान्य कचरे में डाला गया था।

    टीम ने अस्पतालों में रखें डस्टबिन की पड़ताल की। कागज, गत्ता व अन्य कचरे के साथ-साथ इस्तेमाल की गई रूई, सीरिंज, नीडल व अन्य प्रकार का बायो मेडिकल वेस्ट इस कचरे में पाया गया। बायो मेडिकल वेस्ट को सामान्य कचरे में डाला जाना एक अपराध है, चूंकि इससे बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। सामान्य कचरे में बायो मेडिकल वेस्ट डालने से कचरा बीनने वालों को संक्रमण रोगों से ग्रसित होने की अधिक संभावना बन जाती है। बायो मेडिकल वेस्ट सामान्य कचरे को भी संक्रमित कर देता है और इससे अधिक आबादी के संक्रमित होने की आशंका बन जाती है। बायो मेडिकल वेस्ट को खुले में भी नहीं फेंका जा सकता। ऐसे में नगर परिषद द्वारा प्राइवेट अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है।

    इन अस्पतालों को जारी हुए नोटिस

    नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक देवेंद्र बिश्नोई ने बताया कि मंगलवार सुबह टीम ने बायो मेडिकल वेस्ट को सामान्य कचरे में डालने पर 9 प्राइवेट अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एसपीएस अस्पताल, लालगढ़िया अस्पताल, दिल्ली न्यूरो अस्पताल, आस्था अस्पताल, मंदीप अस्पताल, बेबीलॉन अस्पताल, मेडिसिटी अस्पताल, खुराना अस्पताल, होप न्यूरो अस्पताल को नोटिस जारी किए गए है।

    नहीं उठाया गया कचरा

    सामान्य कचरे में बायो मेडिकल वेस्ट डालने की वजह से नगर परिषद द्वारा ठेकेदार को कूड़ा न उठाने की हिदायत दी गई। इस आशय के आदेश के बाद इन प्राइवेट अस्पतालों का कचरा नहीं उठाया गया। अस्पताल प्रबंधन को सामान्य कचरे से बायो मेडिकल वेस्ट को बीन कर अलग करने की हिदायत दी गई है। जब तक सामान्य कचरे से बायो मेडिकल वेस्ट नहीं निकाला जाता, तब तक अस्पताल का कचरा नहीं उठाया जाएगा।

    बायो मेडिकल वेस्ट के मापदंड

    रंगों के अनुसार बायो मेडिकल वेस्ट का निधररण इस प्रकार है
    पीला: पीले रंग के डिब्बे में इस्तेमाल की गई दवा, एस्पायर हो चुकी दवाईयां, केमिकल वेस्ट, लैबोरेट्री का वेस्ट डालना होता है।
    लाल: लाल रंग के डिब्बे में ग्लूकोज की प्लास्टिक की बोतलें, इस्तेमाल किए गए ब्लड के बैग, ग्लूकोज लगाने वाली टयूब, आईवी सैट, यूरिन बैग, सीरिंज बिना सुई के, प्लास्टिग ग्लवज इत्यादि डालने होते है।
    नीला: नीले रंग के डिब्बे में कांच की बोतलें, कांच के इंजेक्शन डाले जाने चाहिए।

    ठेकेदार को भी नोटिस

    सामान्य कचरे में बायो मेडिकल वेस्ट को उठाने पर नगर परिषद द्वारा डिंगमैन पॉवर को भी नोटिस जारी किया गया है। ठेकेदार से जवाब तलबी की गई है कि आखिर सामान्य कचरे के साथ मेडिकल वेस्ट कैसे उठाया जाता रहा। इसके साथ ही बायो मेडिकल वेस्ट वाले कचरे को खुली ट्रालियों में कैसे ले जाया जाता है। बायो मेडिकल वेस्ट को बैंकों की ‘कैश वैन’ की भांति सुरक्षित रूप से ले जाने का प्रावधान है।

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