
Healthy Heart Tips: दिल हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण दिल की बीमारियाँ और हार्ट-ब्लॉकेज जैसी समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में प्राकृतिक और सरल उपायों की ओर लोगों का झुकाव बढ़ा है। इसी संदर्भ में पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि दिल की बीमारी और हार्ट-ब्लॉकेज के लिए हिमाचली ग्रीन टी बहुत लाभकारी है। यदि ग्रीन टी पीने के बाद कुछ समय तक हल्की चहलकदमी (वॉक) कर ली जाए, तो परिणाम और भी जल्दी तथा बेहतर मिल सकते हैं।
ग्रीन टी क्यों मानी जाती है फायदेमंद?
- ग्रीन टी में प्राकृतिक एंटीआॅक्सीडेंट्स, विशेषकर कैटेचिन्स, पाए जाते हैं जो:
- शरीर में जमे खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक हो सकते हैं
- रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं
- धमनियों की सफाई में सहयोगी माने जाते हैं
- हृदय को सक्रिय और स्वस्थ रखने में सहायक हो सकते हैं
- हिमाचल प्रदेश की जलवायु में उगाई गई ग्रीन टी को शुद्धता और गुणवत्ता के लिए जाना जाता है।
ग्रीन टी के साथ चहलकदमी क्यों जरूरी?
- सिर्फ ग्रीन टी पीना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसके बाद 15-20 मिनट की हल्की वॉक:
- रक्त प्रवाह को तेज करती है
- हृदय की कार्यक्षमता को सुधारती है
- कैलोरी बर्न करने में मदद करती है
- मानसिक तनाव को कम करती है
जब प्राकृतिक पेय और हल्का व्यायाम साथ-साथ किए जाएँ, तो शरीर को दोहरा लाभ मिलता है।
सेवन करने का सही तरीका
- सुबह खाली पेट या भोजन के 1-2 घंटे बाद ग्रीन टी लें
- दिन में 1-2 कप पर्याप्त हैं
- अत्यधिक मात्रा से बचें
- ग्रीन टी में चीनी न मिलाएँ
महत्वपूर्ण सावधानी
दिल की बीमारी या हार्ट-ब्लॉकेज एक गंभीर स्थिति है। ग्रीन टी और वॉक सहायक उपाय हो सकते हैं, लेकिन:
नियमित डॉक्टर से परामर्श जरूरी है
दवाइयाँ बिना सलाह बंद न करें
गंभीर लक्षण (छाती में दर्द, सांस फूलना, चक्कर) होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
प्राकृतिक उपाय, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सकारात्मक सोच—ये चारों मिलकर दिल को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हिमाचली ग्रीन टी और हल्की चहलकदमी एक सरल लेकिन प्रभावी दिनचर्या का हिस्सा बन सकते हैं। स्वस्थ दिल, खुशहाल जीवन की पहली शर्त है।














