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    9 करोड़ में पड़ा सुखबीर का घडुका: नवजोत सिंह

    Punjab, Navjot Singh Sidhu, Sukhbir Badal, JalBus

    कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने बादलों को विधान सभा में लिया आड़े हाथ, कहा

    सिद्धू सहित 4 विधायकों की टीम करेगी दौरा, फिर लिया जाएगा इस घड़ुके संबंधी फैसला

    Chandigarh: सुखबीर बादल की जिद्द के कारण प्रदेश के खजाने और किसानों का भारी नुकसान हुआ है। सुखबीर बादल जब उप मुख्य मंत्री होता था तो विदेश घूमने गया, वहां उसे यह पानी में चलने वाला घड़ूका पसंद आ गया, बस फिर क्या था सुखबीर बादल ने वहां ही कोलाहल डाल दिया कि’ पापा-पापा मैने तो यही बस लेनी है।

    12 अगस्त 2015 को हरीके में किया गया था पानी वाली बस चलाने जाने का फैसला

    बस क्या था, बड़े बादल ने यह बस लेकर दे दी। यह बादल का घड़ुका पंजाब सरकार को 9 करोड़ में पड़ा है, जबकि जिन किसानों का नुकसान हुआ है, वह इससे अलग है। यह शब्द कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब विधान सभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहे। सिद्धू ने कहा कि हरीके जंगली जीव पनाहगाह को सैर सपाटा केंद्र के तौर पर विकसित किए जाने के लिए एशियन विकास बैंक चलाए जा रहे आईडीआईपीटी प्रोग्राम की ब्रांच 3 जो कि साल 2015 से लागू है।

    इस प्रॉजेक्ट के लिए पीआईडीबी की ओर से साल 2016 में मुहैया करवाए गए थे फंड

    इसी जगह हरीके में पानी वाली बस चलाए जाने का फैसला पिछली सरकार की ओर से 12 अगस्त 2015 को किया गया था। इस प्रॉजेक्ट के लिए फंड पीआईडीबी की ओर से साल 2016 में मुहैया करवाए गए थे।
    बस की खरीद, बस का बीमा व अन्य फुटकर खर्चों पर अब तक 8.62 करोड़ रुपए खर्च किए गए परंतु सुखबीर की यह बस कुल 10 दिन ही चली है जिससे सरकार के लिए सिर्फ 64 हजार रुपए की आमदन हुई है।

    उन्होंने आगे कहा कि पूर्व उप मुख्य मंत्री ने अपनी पानी वाली बस चलाने के लिए रोपड़ हैड वर्कस से पानी छोड़ा जिसके साथ 5000 किसानों की फसल पानी में डूब गई । उन्होंने कहा कि यदि पिछली सरकार को बसें चलाने का ही शौक था तो 350 करोड़ घाटे में चल रही पीआरटीसी की बसें को क्यों नहीं चलाया गया।

    उन्होंने कहा कि वह कल चार विधायकों को साथ ले कर हरीके का दौरा कर कर वहां चलाए जाने वाले प्रोजेक्टों का फैसला करेंगे।

    अपने निजी होटल चलाने को दी पहल

    सैशन के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत करते सिद्धू ने कहा कि ट्रांसपोर्ट की तरह होटल उद्योग में भी बादल परिवार ने अपने निजी होटलों को चलाने के लिए सरकारी टूरिस्ट कंप्लेक्सों को बेअबाद किया जिससे सरकार को बड़ा वित्तीय घाटापहुंचा। उन्होंने कहा कि मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में सरकार का एक ही मंतव्य है लोग समर्थकी फैसले लेना।

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