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    राजस्थान वर्ष 2030 तक देश में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित नजर आएगा-ऊषा

    Jaipur News
    ''आपसी समन्वय एवं सतर्कता से पुख्ता कानून-व्यवस्था करेंगे सुनिश्चित''

    जयपुर (एजेंसी)। राजस्थान में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, महिला एवं बाल विकास, श्रम, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, पेयजल, ऊर्जा, जल संसाधन, आधारभूत ढांचे एवं अन्य विकास संबंधी क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में आशातीत सफलता प्राप्त हुई और वर्ष 2030 तक राजस्थान देश में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित नजर आएगा। राज्य की मुख्य सचिव उषा शर्मा ने कहा कि नीति आयोग के सहयोग से एसडीजी इण्डिया इन्डेक्स 4.0 एवं राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) विषय पर गुरूवार को जयपुर में आयोजित कार्यशाला में यह बात कही। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में आशातीत सफलता प्राप्त हुई है और अनेक कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने तथा उनके लाभ को आमजन तक पहुंचाने में मिलकर काम किया जा रहा है और वर्ष 2030 तक राजस्थान भारत में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित नजर आएगा।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में फ्लैगशिप योजनाओं के शानदार परिणाम सामने आ रहें है। भारत में संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि शॉम्बी शॉर्प ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की विभिन्न आठ एजेंसीज द्वारा राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों के साथ संयुक्त रूप से सामाजिक, आर्थिक, पयार्वरणीय तथा साझेदारी के मूल सिद्धान्तों पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोलर पावर, विंड पावर, शहरी रोजगार योजना, प्लास्टिक पर बैन, बजट में सामाजिक क्षेत्र पर ध्यान, स्वास्थ्य बीमा का यूनिवर्सलाइजेशन आदि राज्य को आने वाले समय में आगे लकर जाएंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान के पास काफी बड़ा भू-भाग है जो काफी प्रभावी तरीके से उपयोग में लिया जा सकता है।

    यूनिसेफ की फील्ड आॅफीसर, इसाबेल बार्डेम ने कहा कि यूनिसेफ द्वारा महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में राज्य को लगातार सपोर्ट प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 में सतत् विकास लक्ष्य प्राप्त करने के लिए यूनिसेफ भी राज्य सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा तथा पोषण के क्षेत्र में राजस्थान लगातार कार्य कर रहा है। अनुसूचित जाति जनजाति, अल्पसंख्यक क्षेत्रों में और अधिक योजना बनाई जा रही हैं तथा कोविड-19 के बाद यह और अधिक आवश्यक भी है। नीति आयोग कि सलाहकार संयुक्ता समादार ने बताया कि सतत् विकास लक्ष्य एजेन्डा को देश में आगे बढ़ाने के लिए लगातार सभी राज्यों से चर्चा कर इस प्रकार के सेमीनार आयोजित की जा रही है। इसी प्रकार से राजस्थान में सभी प्रमुख विभागों के साथ यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

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