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    हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर स्थगित

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस तथा अन्य दलों ने सोमवार को राज्य सभा में भारी शोरगुल और हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी। भोजनवकाश के उपरांत सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए सदन के नेता पीयूष गोयल को बोलने की अनुमति दी। श्री गोयल ने कहा कि विपक्ष के एक वरिष्ठ सदस्य विदेशों में भारतीय लोकतंत्र और अन्य संस्थाओ का अपमान कर रहे हैं। उन्हें सदन और देश से इसके लिए क्षमा याचना करनी चाहिए।

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    इसके साथ सत्तापक्ष के सदस्यों ने माफी मांगों के नारे लगाने आरंभ कर दिये। इस पर सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकर्जुन खड़गे ने कहा कि दूसरे सदन के बयान का उल्लेख सदन में नहीं किया जा सकता इसलिए सदन के नेता के बयान कार्यवाही से निकाल देना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और भारत राष्ट्र समिति के के. केशवराव ने भी खड़गे का समर्थन किया। इसके बाद कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह अध्यक्ष के आसन की ओर बढ़ने लगे। कांग्रेस और विपक्ष के अन्य सदस्य भी जोर जोर से नारे लगाने लगे।

    विपक्षी दलों के नेताओं ने हंगामा

    इस पर श्री धनखड़ ने दोनों पक्षों के शांत होने और कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने सदन कार्यवाही दो बजकर 10 मिनट पर दिनभर के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। इससे पहले सुबह गोयल ने कहा कि विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने विदेश में जाकर सदन का अपमान किया है। इसके साथ ही कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, वामपंथी दलों, राष्ट्रीय जनता दल, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) और अन्य दलों के सदस्य श्री गोयल का विरोध करते हुए हंगामा करने लगे। सभापति के हस्तक्षेप के बाद विपक्षी दलों के सदस्य शांत हो गये और अपनी सीट पर चले गये।

    गोयल ने कहा कि कांग्रेस के नेता ने देश के लोकतंत्र, सेना, चुनाव आयोग और प्रेस को लेकर अनाप-शनाप बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है, उन्होंने विपक्ष के संंबंधित नेता से देश के लोगों, सदन और प्रेस से माफी मांगने की मांग की। इसके बाद कांग्रेस के सदस्य सदन के बीच में आ गये तथा अन्य दलों के नेता अपनी सीट के निकट खड़े रहे। इस दौरान गोयल ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र पर खतरा आ गया था, इसके बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने हंगामा और तेज कर दिया।

    विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के अपने वक्तव्य के लिए खड़े होने के साथ ही भाजपा के सदस्यों ने अपनी सीट से हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान श्री खड़गे ने श्री गोयल के बयान की निंदा करते हुए कहा कि देश में जो कुछ चल रहा है, उसे दुनिया जानती है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति इस सदन का सदस्य नहीं है, उस पर टीका करना ठीक नहीं है। इससे पहले सभापति ने कहा कि यह सदन सभी पक्षों को सुनने के लिए है। चर्चा और बहस के लिए है। श्री धनखड़ ने कहा कि नियम 267 को छोड़कर उन्होंने कभी किसी सदस्य को बोलने से नहीं रोका। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता का यह देश है। सदस्यों का हंगामा जारी रहने के बाद सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।

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