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    रमजान बीतते ही कश्मीर में सर्च अभियान पर हटी रोक

    Rakarmam, Search, Campaign, Kashmir

    आतंकवादियों पर होगी कड़ी कार्रवाई: राजनाथ

    केंद्र सरकार ने 17 मई को सर्च आॅपरेशन पर रोक लगाई थी
    ईद से 2 दिन पहले आतंकियों ने पत्रकार बुखारी और आर्मी जवान औरंगजेब की हत्या की थी
    नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने रमजान माह के दौरान जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ रोके गए अभियान की अवधि आगे नहीं बढ़ाने का ऐलान किया है। सरकार ने 16 मई को रमजान माह के दौरान जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई एक महीने निलंबित करने का फैसला किया था ताकि वहां की जनता शांतिपूर्ण ढंग से रमजान मना सके। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को घोषणा की कि आतंकवादियों के खिलाफ घाटी में निलंबित सुरक्षा बलों की कार्रवाई की अवधि को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। सरकार के इस फैसले के बाद घाटी में रमजान माह के दौरान आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की निलंबित कार्रवाई अब फिर शुरू हो जाएगी।

    संघर्ष विराम को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा

    सिंह ने ट्वीट कर जानकारी दी कि आतंकवादियों के खिलाफ संघर्ष विराम को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रमजान के दौरान संघर्ष विराम के केंद्र सरकार के फैसले की चौतरफा प्रशंसा हुई। उन्होंने बताया कि सरकार ने यह फैसला मुस्लिम समुदाय के लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से रमजान मनाने के लिए किया था। सुरक्षा बलों ने सरकार के इस निर्णय को बहुत ही धैर्यपूर्ण ढंग से अमल किया और उनकी इस कोशिश की हम सराहना करते हैं। सुरक्षा बलों ने संघर्ष विराम के दौरान बहुत ही धैर्य एवं संयम दिखाया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय का घाटी के साथ-साथ पूरे देश के लोगों ने भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार को उम्मीद थी कि उसकी इस पहल को सफल बनाने में हर कोई योगदान देगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रमजान के पवित्र महीने में भी आतंकवादी अपनी ‘नापाक’ हरकतों से बाज नहीं आए।

    रमजान माह के दौरान आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी

    गौरतलब है कि सरकार के रमजान माह के दौरान घाटी में संघर्ष विराम की घोषणा के बावजूद आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई। इस दौरान आ तंकवादियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने का कोई मौका नहीं गंवाया। ईद से एक दिन पहले ‘राइजिंग कश्मीर’ के संपादक सुजाअत बुखारी की सरेआम हत्या कर दी गई। इस घटना में बुखारी के दो अंगरक्षक भी मारे गए। वही ईद मनाने के लिए छुट्टी जा रहे जवान औरंगजेब को आतंकवादियों ने अगवा कर लिया और उनकी हत्या कर दी। बुखारी और जवान औरंगजेब की हत्या के बाद घाटी में संघर्ष विराम को लेकर सरकार निशाने पर थी। सिंह ने इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संघर्ष विराम के फैसले लेकर बातचीत की थी। सिंह ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा था कि संघर्ष विराम की अवधि बढ़ाने अथवा नहीं बढ़ाने का फैसला ईद के बाद किया जाएगा।

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