कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana: कस्बे के मोहल्ला बिसातयान में स्थित अल कुरआन एकेडमी के निदेशक मुफ़्ती अतहर शम्सी ने कहा कि रमज़ान केवल भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्म-संयम, दया और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करने का महीना है। उन्होंने कहा कि रोज़ा इंसान को भूख और प्यास के अनुभव के माध्यम से गरीबों और जरूरतमंदों के दर्द को समझने की प्रेरणा देता है। रोज़े का असली उद्देश्य केवल खाने-पीने से दूर रहना नहीं, बल्कि गुस्सा, झूठ, चुगली और ईर्ष्या जैसी बुराइयों से बचना भी है। उन्होंने कहा कि रमज़ान इंसान के दिल में करुणा और हमदर्दी पैदा करता है और समाज के कमजोर वर्गों की मदद करने की भावना को मजबूत करता है। अतहर शम्सी ने लोगों से अपील की है कि रमज़ान के दौरान दान, सहयोग और जरूरतमंदों की सहायता को अपनी जिम्मेदारी समझें। Kairana
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