खरखौदा (सच कहूँ न्यूज़)। Kharkhoda: सूबेदार दलेल सिंह भारतीय सेना की ईएमई यूनिट में कार्यरत रहे और उन्होंने देश की सेवा करने के लिए 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में सक्रिय भूमिका निभाई थी। अपनी बहादुरी, अनुशासन और निष्ठा के लिए उन्हें सेना द्वारा कई सम्मानित पदकों से नवाजा गया। उन्हें नागा हिल्स क्लैस्प, रक्षा पदक 1965, जम्मू-कश्मीर सेवा के लिए एसएसएम क्लैस्प, 9 वर्ष लॉन्ग सर्विस मेडल, संग्राम पदक 1971, 25वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पदक 1972 और 20 वर्ष लॉन्ग सर्विस मेडल जैसे सम्मान प्राप्त हुए। ये सभी पदक उनकी वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और आत्मविश्वास के प्रतीक हैं।
सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भी दलेल सिंह ने अपने गांव की सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ी। वे सामाजिक और पंचायती कार्यों में सक्रिय रहते हुए न्याय का साथ देते थे। गांव के विकास और सामाजिक कार्यों में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके परिवार में उनकी पुत्रवधू मोनिका वर्तमान मे सोनीपत जिला परिषद की चेयरपर्सन हैं, जबकि उनके उत्तराधिकारी राजवीर दहिया खरखौदा ब्लॉक समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं और चांदवीर दहिया हैं। दलेल सिंह का जीवन देशभक्ति, साहस और समाज सेवा की प्रेरणादायक मिसाल रहा। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और लोग उन्हें एक सच्चे देशभक्त और ईमानदार व्यक्ति के रूप में हमेशा याद रखेंगे। उनकी अंत्येष्टि के अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे। Kharkhoda















