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Saturday, February 7, 2026
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    परिवहन नीति के खिलाफ उतरे रोड़वेज कर्मी

    Roadways Workers, Protest, Transport Policy, Private Bus, Haryana

    सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जताया रोष, वायदा खिलाफी का लगाया आरोप

    • रोड़वेज की फ्री कैटेगरी खत्म करना निजीकरण को बढ़ावा

    भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। रोड़वेज कर्मचारी एक बार फिर सरकार के खिलाफ आंदोलन पर उतारू हैं। इसकी शुरुआत भिवानी से हरियाणा रोड़वेज वर्कर्स यूनियन ने की है। यूनियन नेताओं का आरोप है कि सरकार हर बार समझौता कर वायदा खिलाफी करते हुए प्राईवेट परमिट जारी करने के आदेश जारी करती है। खास बात ये है कि भिवानी की जनता भी प्राईवेट की बजाय रोड़वेज बसों के सफर को समयबद्ध, सस्ता व सुरक्षित मानती है।

    सामान्य बस स्टैंड पर सरकार के खिलाफ हरियाणा रोड़वेज वर्कर्स यूनियन के बैनर तले नारेबाजी करते रोड़वेज कर्मचारियों के रोष व गुस्से का कारण सरकार द्वारा एक बार फिर हर रूट पर प्राईवेट बसों के परमिट देने की घोषणा है। रोड़वेज कर्मचारियों का कहना है कि सरकार हर बार समझौता कर वायदा खिलाफी कर रही है।

    बस स्टैंड में एक भी प्राईवेट बस नहीं घुसनें देंगे

    रोड़वेज वर्कर्स यूनियन के जिला प्रधान राजकुमार दलाल व राज्य उप-प्रधान नरेन्द्र दिनोद ने बताया कि सरकार रोड़वेज बसों में सभी 39 फ्री कैटेगरी खत्म कर प्राईवेट बसों को बढ़ावा देकर रोड़वेज बेड़े को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने रोड़वेज यूनियनों से पिछले दिनों समझौता किया और अब एक बार फिर चार हजार परमिट जारी करना चाहती है, जबकि रोड़वेज बेड़े में मात्र 3900 बसें बची है।

    रोड़वेज कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पहले भी प्रदेश भर की अधिकतर पंचायतों ने एफिडेवेट देकर रोड़वेज बसों का समर्थन दिया था। उन्होंने बताया कि इस बार भी वो जनता के बीच जाकर पंचायतों का समर्थन मांगेंगे और पंचायतों से एफिडेविट लेकर सरकार को सौंपेंगे। उन्होंने बताया कि रोड़वेज हर बार मुनाफे में रहती है और परिवहन मंत्री 19 बार देश भर में सबसे अच्छी सेवा का ईनाम पा चुके हैं। रोड़वेज नेताओं ने बताया कि इसके बाद भी सरकार रोड़वेज के बारे में गलत प्रचार कर रही है। उन्होंने कहा कि वो कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं लेकिन किसी भी बस स्टैंड में एक भी प्राईवेट बस नहीं घुसनें देंगे।

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