Delhi Police: नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पैरोल पर रिहा होने के बाद करीब पाँच वर्षों से फरार चल रहे दोषी रोहित बलारा को द्वारका क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को नेब सराय थाना क्षेत्र में एक आठ वर्षीय बालक के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में दोष सिद्ध हो चुका था और वह वर्ष 2021 से फरार था। Delhi News
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कोविड-19 महामारी के दौरान वर्ष 2021 में रोहित बलारा को 90 दिनों की आपात पैरोल प्रदान की गई थी। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी उसने जेल में आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार हो गया। जेल प्रशासन द्वारा कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद आरोपी ने स्वयं को कानून के हवाले नहीं किया।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। पुलिस द्वारा उसके संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी गई, लेकिन हर बार उसे पहले ही कार्रवाई की भनक लग जाती थी और वह फरार हो जाता था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी अपराध शाखा को सौंपी गई। Delhi News
द्वारका क्षेत्र में घेराबंदी कर रोहित बलारा को गिरफ्तार कर लिया गया
अपराध शाखा की विशेष टीम, जिसका नेतृत्व निरीक्षक गौतम मलिक कर रहे थे, ने मुखबिर की सूचना और उन्नत मोबाइल सर्विलांस तकनीक की सहायता से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। पुख्ता सूचना मिलने के बाद द्वारका क्षेत्र में घेराबंदी कर रोहित बलारा को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी नेब सराय क्षेत्र का निवासी है और उसने स्थानीय सरकारी विद्यालय से सातवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की थी। वर्ष 2019 में लंबी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद उसे दोषी ठहराते हुए साढ़े तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के लंबे समय तक फरार रहने में कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ रही है। ऐसे व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रोहित बलारा से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क और उसकी मदद करने वालों का खुलासा किया जा सके। Delhi News















