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    Haryana Family ID: हरियाणा में बदला नियम, अब इन परिवारों का रद्द होगा पहचान पत्र, जल्द करें ये काम

    Haryana Family ID
    Haryana Family ID: हरियाणा में बदला नियम, अब इन परिवारों का रद्द होगा पहचान पत्र, जल्द करें ये काम

    Haryana Family ID: प्रतापनगर, राजेन्द्र कुमार। हरियाणा में अब परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) उन परिवारों का रद कर दिया जाएगा, जो लंबे समय से प्रदेश से बाहर रह रहे हैं या पलायन कर चुके हैं। इसके अलावा, अगर किसी परिवार का कोई सदस्य अब उस परिवार में नहीं रहता है या यदि परिवार का कोई सदस्य अब जीवित नहीं है, तो भी उसका पीपीपी नंबर निरस्त कर दिया जाएगा। यदि परिवार का मुखिया किसी सदस्य को पीपीपी से बाहर करने का अनुरोध करता है, तो उस सदस्य का पीपीपी नंबर भी रद हो जाएगा।

    पीपीपी डेटा की गोपनीयता | Haryana Family ID

    हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के सीईओ जे गणेशन द्वारा जारी किए गए आदेशों के तहत पीपीपी से जुड़ी जानकारी लीक होने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। अब संबंधित एजेंसियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी गैर सरकारी काम के लिए पीपीपी डेटा को साझा नहीं कर सकतीं। केवल सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, सेवाओं और लाभ के लिए इस डेटा का उपयोग किया जा सकेगा। साथ ही हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित भर्तियों के लिए भी इस डेटा का उपयोग सत्यापन के लिए किया जा सकता है।

    पीपीपी डेटा का उपयोग सीमित होगा

    पीपीपी डेटा का उपयोग केवल राज्य सरकार, केंद्र सरकार, राज्य सरकार के स्वामित्व वाले बोर्ड, विश्वविद्यालय, निगम और अन्य कानूनी प्राधिकरणों द्वारा किया जा सकता है। इसके अलावा, स्थानीय प्राधिकरण भी इस डेटा का उपयोग केवल सरकारी योजनाओं और सेवाओं के सत्यापन के लिए कर सकेंगे। अन्यथा इस डेटा को किसी अन्य एजेंसी या संस्थान के साथ साझा नहीं किया जाएगा।

    जाति सत्यापन की प्रक्रिया में बदलाव

    अब हरियाणा में पीपीपी के अंतर्गत दर्ज परिवार के किसी सदस्य की जाति को सत्यापित करने की जिम्मेदारी पटवारी और कानूनगो की होगी। परिवार सूचना डाटा कोष में जाति की जानकारी दिए बिना पटवारी को सत्यापन के लिए भेजा जाएगा। यदि पटवारी द्वारा जाति की जानकारी परिवार द्वारा बताए गए जाति से मेल खाती है, तो इसे सत्यापित माना जाएगा। यदि कोई अंतर पाया जाता है, तो कानूनगो से बिना जानकारी दिए जाति का सत्यापन कराया जाएगा। अगर पटवारी और कानूनगो की रिपोर्ट में मेल नहीं होता है, तो मंडल राजस्व अधिकारी द्वारा अंतिम सत्यापन किया जाएगा।

    जन्म तिथि में सुधार की सुविधा

    पीपीपी में दर्ज किसी सदस्य की जन्म तिथि में यदि कोई गलती होती है, तो उसे अब आसानी से सही किया जा सकेगा। सरकारी कर्मचारियों के मामलों में उनके डेटाबेस में दर्ज जन्म तिथि को स्वीकार किया जाएगा। सेवानिवृत्त जवानों के लिए रक्षा सेवाओं द्वारा जारी सेवा मुक्ति प्रमाणपत्र भी मान्य होगा। आम जनता के लिए जन्म प्रमाणपत्र, दसवीं कक्षा का सर्टिफिकेट, पासपोर्ट, स्कूल प्रमाणपत्र और मतदाता पहचान पत्र में दर्ज जन्म तिथि को आधार बनाकर पीपीपी में सुधार किया जा सकेगा।

    हरियाणा में पीपीपी से संबंधित नियमों में किए गए ये बदलाव पारदर्शिता और डेटा सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए गए हैं। इससे पीपीपी डेटा का दुरुपयोग रुकने की संभावना है और यह सुनिश्चित करेगा कि केवल वैध और सटीक जानकारी ही उपयोग की जाए।