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    साध-संगत बोली, एमएसजी नाल साड़ी नित दिवाली है | Sadi Nit Diwali

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     वीडियो भजन का श्रोताओं पर चढ़ा खुमार, कुछ घंटों में व्यूवरशिप पहुंची 4 मिलियन पार, व्यूवर का बढ़ना जारी

    सच कहूँ / सुनील वर्मा
    सरसा। पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के दिवाली विशेष वीडियो भजन साड़ी नित दिवाली का खुमार हर किसी पर छाया हुआ है और मात्र कुछ ही घंटों में भजन की व्यूवरशिप 4 मिलियन को पार कर गई है तथा भजन की व्यूवरशिप के बढ़ने का सिलसिला अनवरत जारी है। देश-विदेश की साध-संगत देर रात से नए भजन पर नाच-गाकर अपनी खुशियां मना रही हैं। जब से पूज्य गुरु जी ने भजन की लॉन्चिंग की है, तभी से भजन बच्चे, बूढ़े, नौजवान और महिलाओं की जुबा पर चढ़ा हुआ है। भजन को लेकर सच कहूँ ने महिलाओं व अन्य नौजवानों से बातचीत की, जिन्होंने भजन को लेकर ये कहीं बड़ी बात। साध-संगत ने कहा कि जब हमारे साईं, सतगुरु हमारे साथ है तो साड़ी नित दिवाली है।
    1. पूज्य गुरु जी के बरनावा आगमन की खुशी को नए भजन साड़ी नित दिवाली ने दोगुणा कर दिया है। साध-संगत को पूज्य गुरु जी ने दीपोत्सव पर्व पर नया वीडियो भजन की सौगात देकर एक बेहतरीन तोहफा दिया है। जिसके लिए साध-संगत सदा पूज्य गुरु जी की ऋणी रहेगी।
    – कस्तूर सोनी इन्सां, ब्लॉक भंगीदास सरसा।
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    2. नए भजन को जितनी बार मर्जी सुन लो मन नहीं भरता। सोमवार रात से अब तक वह भजन को सैंकड़ों बार सुन चुकी हूँ। फिर भी मन नहीं भर रहा है और भजन को बार-बार सुनने का मन कर रहा है। भजन को सुनकर अंदर से असीम शांति मिल रही है।
    – आशा इन्सां, 45 मैंबर
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    3. पूज्य गुरु जी का हर एक कदम सृष्टि की भलाई के लिए होता है। नए भजन में भी पूज्य गुरु जी ने दिवाली पर्व पर हावी होते विदेशी कल्चर से दूर रहने की शिक्षा दी है। भजन में संदेश दिया है कि दिवाली का त्योहार रामजी के पदचिन्हों पर चलने की प्रेरणा देता है, मगर इस दिन लोग रामजी की जगह रावण बनते जा रहे है।
    – अशोक पेंटर सरसा।
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    4. भजन के माध्यम से पूज्य गुरु जी ने बताया है कि दिवाली के दिन लोग दिए व लड़ियां लगाकर बाहर रोशनी करते है। मगर शरीर रूपी आत्मा में सदा अंधेरा छाया रहता है। इसलिए त्योहार पर हमें अंदर-बाहर दोनों को रोशन करने के लिए साईं जी के नाम से जुड़कर आत्मा को शुद्ध करना चाहिए।
    – वीना कक्कड़ इन्सां सरसा।
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    5. दिवाली सहित अन्य त्योहारों पर नशे का प्रचलन बढ़ गया है। इसलिए पूज्य गुरु जी ने नए भजन में नशे को न करके स्वच्छ तरीके से त्योहार मनाने का संदेश दिया है। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों की मदद करके त्योहार मनाने की प्रेरणा भी पूज्य गुरु जी द्वारा दी गई है।
    – संदीप बजाज इन्सां, सरसा।
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    6. साड़ी नित दिवाली भजन में पूज्य गुरु जी ने लोगों को राम-नाम लेने के लिए प्रोत्साहित किया है। भजन में बताया है कि मनुष्य राम-नाम, अल्लाह, वाहेगुरु के नाम से जुड़कर अपने जीवन में आने वाले गम,दुख, दर्द, चिंता से छुटकारा दिला सकता है। नया भजन ओसम है और उसकी लिरिक्स, इसका म्यूजिक अमेजिंग है।
    – दिशा इन्सां, सरसा।

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