हमसे जुड़े

Follow us

11.7 C
Chandigarh
Saturday, February 7, 2026
More
    Home अन्य खबरें ज्ञान योगी के...

    ज्ञान योगी के साथ-साथ कर्मयोगी होना भी जरूरी : पूज्य गुरु जी

    बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने आमजन से ज्ञानयोगी और कर्मयोगी बनने का आह्वान किया, ताकि उसे सही और गलत की पहचान हो और समाज उत्थान में भागीदार बन सके। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि कर्मयोगी यानि अच्छे कर्म करो और ज्ञान योगी उन कर्मों का ज्ञान हो। दोनों एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं। अकेला ज्ञान है तो कोई फायदा नहीं, अकेले कर्मयोगी हो तो कोई फायदा नहीं। सारे धर्मों में साफ लिखा है कितना भी ज्ञान क्यों ना हो जाए, जब तक उस पर अमल नहीं करते, जब तक उस पर चलते नहीं, तब तक आप कुछ भी हासिल नहीं कर सकते। छोटी सी चीज भी हासिल नहीं कर सकते। आपको पता है दूध में घी है। ज्ञान है कि मक्खन से घी बनता है, लेकिन सारी प्रोसेसिंग कैसे होती है? अगर वो नहीं करोगे तो कोई फायदा नहीं। जैसे पहले सारा दिन उबालते हैं, फिर उसको ज़ाग लगाया जाता है, फिर सुबह बिलोया जाता है, मक्खन आता है, गर्म करते हैं तो घी आता है, सब पता है। लेकिन जब तक कर्म करोगे नहीं, ज़ाग लगाओगे नहीं, खट्टा लगाओगे नहीं, जमेगा नहीं और जमेगा नहीं तो आप कैसे मक्खन से घी हासिल कर सकते हो, किस तरह से। तो ये संभव नहीं है।

     थक गया’ नहीं जानते थे

    पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि हम जिस टाइम की बात कर रहे हैं, उस वक्त हम लोग ये नहीं जानते थे कि आरएमपी डॉक्टर क्या होता है? बड़ों की तो बात छोड़ो। कोई डॉक्टर नहीं होता था गाँवों में। शहरों में जरूर होते होंगे पर वो शहरवासियों के लिए होते होंगे। क्योंकि गाँवों में तो किसी को कुछ होता ही नहीं था, हमने तो देखा नहीं। हमारे टाइम में ना तो कोई थकावट जानते थे, ये तो हमने सरसा आकर सुनी थी कि थक गया। अब वहां हमें नहीं पता था कि ये थक गया वर्ड क्या होता है? जानते नहीं थे, दिन-रात मेहनत करते रहते थे, कोई पता ही नहीं चलता था, वो तो आप भी जानते हो, अब भी देख रहे हो। बेपरवाह जी कैसे काम चला रहे हैं अपनी बॉडी से, क्या ले रहे हैं, तो वो आपको पता ही है। बिटिया ने शायद एक लेख भी पढ़ाया था अभी, उसमें लिखा था कि 21 घंटे देते हैं साध-संगत को और तीन घंटे में मुश्किल से आराम कर पाते हैं। किसी बहुत ही अच्छे बच्चे ने वो लिखा था, किसी अखबार में था। बड़ा अच्छा लगा तो उन बच्चों को भी आशीर्वाद, जो ऐसे सच्चाई भी लिखते हैं। बड़ा मुश्किल है ऐसी सच्चाई लिख पाना।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here