सरसा (सच कहूँ)। सच्चे संत किसी भी परिस्थिति में रहें, उनका उद्देश्य एक ही होता है ”मानवता की भलाई”। संत स्वयं भी मानवता भलाई के कार्य करते हैं और दूसरों को भी सेवा कार्यों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) ने सरसा निवास के दौरान पिछले 40 दिनों में हर दिन, हर घंटे, हर पल सृष्टि के कल्याण को समर्पित किया।
आप जी ने मानवता की सेवा का जो महाकुंभ चलाया, वह अपने आप में एक मील का पत्थर है। पूज्य गुरु जी ने गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा और जागरूकता के लिए लगातार नि:शुल्क एलोपैथी, नेचुरोपैथी और आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों के अंतर्गत मेडिकल कैंप लगाए, जिनका लाभ 10 हजार से अधिक लोगों ने उठाया। देश के 100 से अधिक स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने इन कैंपों में अपनी सेवाएं दीं।
पूज्य गुरु जी ने कैंपों पर होने वाला खर्च अपनी हक-हलाल की कमाई से वहन किया
दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर, शिमला सहित अन्य महानगरों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने इन कैंपों को अद्भुत और देश के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां व शाह सतनाम जी स्पैशलिटी अस्पताल, प्रबंधन की सराहना की। विशेष बात यह रही कि पूज्य गुरु जी ने इन कैंपों पर होने वाला खर्च अपनी मेहनत और हक-हलाल की कमाई से वहन किया।
इन शिविरों में गरीब मरीजों की नि:शुल्क जांच के साथ-साथ सीटी स्कैन और एमआरआई जैसे महंगे परीक्षण भी मुफ्त किए गए। ये कैंप स्वास्थ्य जागरूकता की एक बड़ी लहर साबित हुए। देश में महिलाओं में तेजी से फैल रहे छाती के कैंसर की रोकथाम के लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। यदि बीमारी प्रारंभिक अवस्था में पकड़ ली जाए तो उसका इलाज सरल हो जाता है। इन कैंपों में हजारों महिलाओं को स्वयं जांच (सेल्फ एग्जामिनेशन) करने का प्रशिक्षण दिया गया।
पूज्य गुरु जी ने नशों के खिलाफ चलाई मुहिम को इन 40 दिनों में इतनी गति दी कि बड़ी संख्या में लोगों ने नशा त्याग दिया। आप जी ने भयंकर नशे के शिकार लोगों को इस अभिशाप से बचाकर उन्हें पौष्टिक आहार देकर स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर किया और उनके घरों में पुन: खुशियां लौटाईं।















