विगत 03 अक्टूबर 2025 को कस्बे के मोहल्ला अफगानान निवासी सलमान ने अपने चार मासूम बच्चों के साथ यमुना नदी में कूदकर कर ली थी आत्महत्या
- पति व बच्चों को आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोप में मुजफ्फरनगर जिला कारागार में बंद है महिला आरोपी खुशनुमा
कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: चार मासूम बच्चों के साथ में यमुना नदी में कूदकर आत्महत्या करने वाले सलमान की पत्नी खुशनुमा की जमानत याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी है। खुशनुमा अपने पति व बच्चों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में विगत चार माह से मुजफ्फरनगर जिला कारागार में बंद है।
विगत वर्ष 03 अक्टूबर को कैराना कस्बे के मोहल्ला अफगानान निवासी सलमान नामक युवक ने अपने चार मासूम बच्चों के साथ में यमुना नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पूर्व सलमान ने अपनी विवाहित बहन के मोबाइल पर तीन वीडियो भेजे थे, जिसमें उसने पत्नी खुशनुमा व उसके प्रेमी समेत कई लोगो पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था। तीनों वीडियों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। Kairana News
बाद में सलमान के पिता शफीक ने कोतवाली कैराना पर मृतक की पत्नी खुशनुमा, कस्बे के मोहल्ला खैलकलां निवासी हारुण व जनपद मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थानाक्षेत्र के गांव जौला निवासी इंतज़ार, साबिर व इस्तकार तथा अंजुम नामक महिला के खिलाफ अपने पुत्र को आत्महत्या के लिए विवश करने का अभियोग पंजीकृत कराया था। घटना के चार दिन बाद पुलिस ने मृतक सलमान की पत्नी खुशनुमा व उसके प्रेमी साबिर निवासी ग्राम जौला जनपद मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। खुशनुमा तभी से ही जेल में बंद है।
आरोपी खुशनुमा के द्वारा अपने अधिवक्ता के माध्यम से कैराना स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/त्वरित न्यायालय में जमानत हेतु प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसका सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता(क्राइम) सतेंद्र धीरयान ने बहस के दौरान पुरजोर विरोध किया। शुक्रवार को न्यायालय ने प्रार्थना-पत्र का अवलोकन करने एवं दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिवक्ताओं के तर्क-वितर्क सुनने के पश्चात को जेल में निरुद्ध खुशनुमा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। विदित रहे कि यमुना नदी में कूदकर आत्महत्या करने वाले सलमान के तीन मासूम बच्चों का आजतक कोई सुराग नही लग सका है।
यह भी पढ़ें:– दलित विरोधी कांग्रेस’ के खिलाफ ‘आप’ ने पंजाब भर में किए विरोध प्रदर्शन, प्रताप बाजवा ने मंत्री ईटीओ पर की थी जातिवादी टिप्पणी















