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Saturday, February 14, 2026
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    विद्यार्थियों के लिए वरदान सिद्ध होंगी छात्रवृत्ति योजनाएं

    Scholarship Schemes, Boon, Students, Government, Punjab

    अल्प संख्यक वर्ग की योजनाओं का लाभ उठाएं विद्यार्थी: धर्मसोत

    • सिख, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, पारसी और जैन वर्गों का आर्थिक व सामाजिक स्तर ऊंचा उठाना मुख्य उद्धेश्य
    • मैरिट-कम-मीनज बेस्ड स्कालरशिप स्कीम तहत आॅन-लाइन आवेदन पत्र मांगे

    चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब के अनुसूचित जाति, पिछड़ी श्रेणीयां व अल्प संख्यक वर्ग कल्याण मंत्री साधू सिंह धर्मसोत ने कहा है कि राज्य के अल्प संख्यक वर्ग के नवयुवकों का सर्वपक्षीय विकास करने हेतू राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याण योजनाएं उनके लिए वरदान सिद्ध होंगी।

    धर्मसोत ने जानकारी देते हुए बताया कि सिख, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, पारसी व जैन आदि अल्प संख्यक वर्गों का आर्थिक व सामाजिक स्तर ऊंचा उठाना हमारी सरकार का मुख्य उद्धेश्य है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के अल्प संख्यक वर्ग के नवुयवकों का आर्थिक स्तर ऊंचा उठाने के लिए विशेष स्कीमें चलाने की स्वीकृति दी गई है।

    ये कोर्स वाले विद्यार्थी उठाएं लाभ

    उन्होंने बताया कि मैरिट-कम-मीनज बेस्ड स्कालरशिप स्कीम तहत पंजाब सरकार द्वारा राज्य और राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं जैसे कि आईआईटी, आई आई एम आदि में पढ़ रहे, ग्रैजूएट/पोस्अ ग्रैजूएट स्तर के तकनीकी या प्रोफैशनल कोर्सों की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी, इस स्कीम का लाभ उठा सकेंगे।

    उन्होंने बताया कि राज्य के अल्प संख्यक वर्ग के वह विद्यार्थी जो पंजाब की संस्थाओं में पढ़ रहे हैं व होस्टलों में रह रहे हैं, को दाखिले की तिथि से 10 हजार रूपए वार्षिक /1 हजार रूपए प्रति माह-10 महीनों के लिए/ और राष्ट्रीय स्तर की संस्थाएं जैसे कि आई आई टी, आई आई एम आदि में पढ़ रहे हैं, को असल या अधिक से अधिक 20 हजार रूपए वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाएगी।

    कल्याण मंत्री ने पंजाब की संस्थाओं में पढ़ रहे अल्प संख्यक वर्ग के डे-स्कालर विद्यार्थियों को 5 हजार रूपए वार्षिक/500 रूपए प्रति माह-10 महीनों के लिए / छात्रवृत्ति दी जाएगी जबकि राष्ट्रीय असल या अधिक से अधिक 20 हजार रूपए वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाएगी।

    स.धर्मसोत ने आगे बताया कि इस स्कीम तहत छात्रवृत्ति हासिल करने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों की वार्षिक आय 2.50 लाख रूपए से अधिक नहीं होनी चाहिए और नए कोर्स में प्रवेश वह विद्यार्थी वजीफा लेने का हकदार होगा जिसने पिछली परीक्षा में कम से कम 50 फीसदी अंक हासिल किए हों।

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