Rajasthan School Holiday: जयपुर : राजस्थान के प्रारम्भिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा के अधीन समस्त राजकीय एवं गैर राजकीय एवं आवासीय स्कूलों एवं विशेष प्रशिक्षण शिविरों एवं शिक्षक प्रशिक्षण स्कूलों के लिए सत्र 2026-2027 का शिविरा पंचांग जारी कर दिया है। इसके अनुसार ही सत्र पर्यन्त विद्यालयी कार्यक्रम,अवकाश,परीक्षा, खेलकूद प्रतियोगिता आदि का आयोजन अनिवार्य है। किसी विशेष अवसर अथवा कार्यक्रम पर यदि किसी संस्था प्रधान को कोई परिवर्तन करने की आवश्यकता हो, तो वह परिवर्तन सम्बन्धी निवेदन अपने क्षेत्र के जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारम्भिक / माध्यमिक को प्रस्तुत करेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारम्भिक / माध्यमिक मांग के औचित्य की जांच करेंगे तथा उनकी अनुशंसा पर निदेशक, प्रारम्भिक / माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर की स्वीकृति के बाद ही संस्था प्रधान द्वारा परिवर्तन किया जा सकेगा।
शिविरा पंचाग में ये रहेंगे सामान्य निर्देश | Rajasthan School Holiday
शिक्षण सत्र : 2026-2027 एक अप्रैल 2026 से आरम्भ है। सामान्य प्रवेश प्रक्रिया एवं नियमित कक्षा शिक्षण एक अप्रैल 2026 से ही प्रारम्भ है। एक अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक प्रवेशोत्सव का प्रथम चरण होगा। एवं प्रवेश की अंतिम तिथि 11 जुलाई 2026 (कक्षा 9 से 12 तक) रहेगी । व्यावसायिक शिक्षा संचालित विद्यालयों में योजना का प्रचार प्रसार एवं नवीन विद्यार्थियों के लिए प्रवेश हेतु काउंसलिंग कार्य 21 जून से 30 जून 2026 तक किया जाएगा एवं अनामांकित, ड्रॉप आउट एवं विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के प्रवेश सुनिश्चित किए जाएंगे। मध्यावधि अवकाश चार नवम्बर से 15 नवम्बर 2026 तक रहेगा। शीतकालीन अवकाश 31 दिसम्बर, 2026 से 10 जनवरी, 2027 तक रहेगा। ग्रीष्मावकाश 17 मई, 2026 से 20 जून, 2026 तक रहेगा। वार्षिक परीक्षा/बोर्ड परीक्षा में अंतिम परीक्षा होने के उपरान्त विद्यार्थियों को आगामी कक्षा में अस्थाई प्रवेश दिया जाए।
केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा समस्त राष्ट्र के लिए घोषित अवकाश विद्यालयों में भी मान्य होंगे
यदि किसी क्षेत्र विशेष अथवा वर्ग विशेष कारण विशेष को आधार बनाकर या किसी विशेष दिन का सेक्शनल/रीजनल अवकाश स्थानीय अवकाश राज्य सरकार द्वारा घोषित किया जाये तो वह अवकाश सम्बन्धित वर्ग के विद्यालयों/उन विशिष्ट क्षेत्रों पर ही लागू होगा अन्य वर्ग के विद्यालयों पर उक्त अवकाश लागू नहीं रहेंगे। शिविरा पंचांग एवं राजस्थान सरकार के पंचांग में उल्लेखित समान अवकाश की तिथि में कोई विसंगति हो तो ऐसी स्थिति में राजस्थान सरकार के पंचांग की तिथि को सही मानते हुए इस पंचांग में वैसा ही संशोधन माना जाए। सत्रारम्भ एवं सत्रान्त की संस्था प्रधान वापीठ का आयोजन शिविरा पंचांग में निर्धारित अवधि में ही करवाया जाना आवश्यक होगा। उक्त आयोजन में किसी भी प्रकार का परिवर्तन निदेशक, प्रारम्भिक / माध्यमिक शिक्षा की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।
बाल सभाओं में वृहद और सामुदायिक बाल सभाओं में बाल संरक्षण के तहत बाल अधिकारों के बारे में जागरूक किया जाए तथा बाल विवाह के दुष्परिणाम व बाल विवाह निषेध अधिनियम की जानकारी दी जाए तथा सड़क सुरक्षा की जानकारी दी जाए। इसी प्रकार पीटीएम व एसडीएमसी की बैठकों में भी जन समुदाय के साथ उक्त बाबत् चर्चा की जाए। बाल-सभाओं/पीटीएम / एसएमसी / एसडीएमसी की बैठकों में ‘तम्बाकू निषेध क्षेत्र तम्बाकू मुक्त विद्यालय की गाईड लाईन तथा COTPA ACT 2003 की जानकारी दी जाए ताकि विद्यालय व उसके आसपास का क्षेत्र तम्बाकू मुक्त रह सके। 1 सितंबर 2026 से 15 सितंबर 2026 तक सभी विद्यालयों में “स्वच्छता पखवाड़ा” अनिवार्य किया जाना चाहिए। शिक्षक मूल्यांकन प्रपत्र (TAF) की प्रथम छःमाही डेटा प्रविष्ठि जुलाई से अगस्त-2026 तथा द्वितीय छः माही डेटा प्रविष्ठि जनवरी से फरवरी 2027 (संभावित समय) शाला-सिद्धि हेतु स्व मूल्यांकन हेतु संभावित समयावधि जुलाई से अक्टूबर-2026 तथा बाह्य मूल्यांकन हेतु संभावित समयावधि अगस्त से दिसम्बर 2026 CCE/SIOE/FLN हेतु रचनात्मक आकलन सतत रूप से सत्र पर्यन्त किया जाएगा। एनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रत्येक माह के प्रत्येक मंगलवार को शक्ति दिवस के रूप में मनाया जाएगा जिसके तहत कक्षा 6 से 12 तक के प्रत्येक विद्यार्थी को IFA नीली गोली एवं कक्षा 1 से 5 तक प्रत्येक विद्यार्थी को IFA गुलाबी गोली खिलाई जाएगी।
ये रहेगी प्रवेश की प्रक्रिया
- कक्षा-1 में प्रवेश के समय राज्य सरकार द्वारा संशोधित प्रावधानानुसार विद्यार्थियों की आयु 6 वर्ष या उससे अधिक परन्तु 7 वर्ष से कम वर्ष निर्धारित की गई है।
- राज्य सरकार प्रवेश प्रक्रिया हेतु कोई निश्चित तिथि का निर्धारण कर सकती है। फिर भी आर.टी.ई. अधिनियम 2009 के अनुसार बालक-बालिकाओं का विद्यालय में प्रवेश वर्ष पर्यन्त हो सकेगा।
- राज्य कर्मचारी/माता-पिता/अभिभावक के स्थान परिवर्तन की स्थिति में स्थानान्तरण प्रमाण-पत्र के आधार पर विद्यार्थी को मध्य सत्र में प्रवेश दिया जा सकेगा।
- यदि परिस्थितिवश बोर्ड द्वारा रोके गए परीक्षा परिणाम विलम्ब से घोषित किए जाते हैं, तो विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम की घोषणा के सात दिवस के भीतर प्रवेश दिया जाए। प्रवेश के समय ही विद्यार्थियो को नि शुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए।
इनका कहना है
शिक्षा सत्र के प्रारंभ में शिविरा पंचाग जारी करने से आयोजित होने वाली गतिविधियों का संचालन समय पर हो सकेगा।पंचाग में अवकाशों में कटौती करना सही नहीं है, कटौती के बदले उपार्जित अवकाश का लाभ मिलना चाहिए। पूरे सत्र में संस्था प्रधानों को दो अवकाश घोषित करने का अधिकार था जिसे अब एक दिन कर दिया है। साथ ही संगठन लगातार मांग कर रहा है कि शिक्षक सम्मेलनों में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य हो जो नहीं की गई है।
मोहर सिंह सलावद,प्रदेशाध्यक्ष,
शिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान।















