‘सेवादारों का सम्मान’ | MSG Maha Rahmokaram Month
रात्रि का समय था और हल्की-हल्की ठंड पड़ रही थी। आप जी पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज के शुभ भंडारे के अवसर पर शाह मस्ताना शाह सतनाम जी धाम, डेरा सच्चा सौदा, सरसा के सचखंड हॉल में प्रेम निशानियां बांट रहे थे। पूजनीय परम पिता जी अपने पावन कर-कमलों से इलाही प्यार लुटा रहे थे।
पावन एमएसजी महा रहमोकर्म माह मुबारक हो
प्रेम निशानियां बांटते-बांटते जब पंजाब की एक सेवादार माता (जिला भटिंडा के गांव कोटशमीर से) की बारी आई तो जीएसएम सेवादार लक्ष्मण सिंह को कहा, ला बेटा सामान पकड़ा। इस पर उसने कहा कि यहां सामान खत्म हो गया है जी, अभी तेरावास में से ले आता हूँ। इस पर शहनशाह जी ने जो गर्म लोई अपने शरीर पर ओढ रखी थी झट से उतार कर उस सेवादार माता को दे दी और ये वचन फरमाए कि ले बेटा तूं जान, तेरा कर्म जाने। वह माता उस पावन दात को पाकर धन्य हो गई। MSG Maha Rahmokaram Month















