गाजियाबाद में स्मार्ट मीटर बने मुसीबत: भुगतान के बाद भी अंधेरे में हजारों घर
- सर्वर फेल, बिल अपडेट नहीं,उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी
गाजियाबाद (सच कहूँ/रविंद्र सिंह )। Ghaziabad Smart Meter News: शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक (पोस्टपेड) मीटर हटाकर लगाए गए स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं के लिए राहत की जगह परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। बिजली बिल का भुगतान करने के बावजूद हजारों उपभोक्ताओं के घरों में अंधेरा छाया हुआ है। सर्वर में लगातार आ रही तकनीकी खराबियों के कारण न तो भुगतान अपडेट हो पा रहा है और न ही बिजली आपूर्ति बहाल हो रही है। स्थिति यह है कि कई उपभोक्ताओं ने एक ही बिल का दो-दो बार भुगतान कर दिया, इसके बावजूद बिजली कटी हुई है। शहर में बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनकी बिजली 48 से 72 घंटे तक भुगतान के बाद भी बहाल नहीं हो सकी है। विद्युत निगम के कार्यालयों में शिकायतों का अंबार लगा हुआ है।
शिकायत पर अधिकारियों का संतोषजनक जवाब नहीं
उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। शिकायत करने पर भी अधिकारियों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।
मामला 1: बैलेंस होने के बावजूद दो दिन से अंधेरा | Ghaziabad Smart Meter
उपभोक्ता स्नेहा बिष्ट के अनुसार उनके स्मार्ट मीटर में 1718 रुपये बैलेंस है, इसके बावजूद दो दिनों से बिजली कटी हुई है। हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी केवल आश्वासन ही मिला। उन्होंने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
मामला 2: दो बार भुगतान, फिर भी नहीं हुआ अपडेट
तुषार शर्मा ने बताया कि उन्होंने 3282 रुपये और फिर 2000 रुपये का रिचार्ज किया, लेकिन मीटर में भुगतान अपडेट ही नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं मिला।
मामला 3: गलत बिलिंग से बढ़ी मुश्किल
अमित सिंह के घर में स्मार्ट मीटर लगने के कुछ ही दिनों बाद 15,723 रुपये का बिल जारी कर दिया गया। शिकायत के बाद बिल ठीक कराया गया, लेकिन फिर से उतनी ही राशि का बिल जारी हो गया, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं।
कटे कनेक्शनों के आंकड़े चौंकाने वाले
दिनवार कटे कनेक्शन:
- सोमवार: 51,346
- बुधवार: 17,705
- शनिवार: 22,764
- बुधवार: 14,069
- बृहस्पतिवार: 20,590 कनेक्शन कटे।
जोनवार स्थिति (बृहस्पतिवार):
- प्रथम: बकाया 94.75 लाख रुपये
- द्वितीय: बकाया 93.39 लाख रुपये
- तृतीय: बकाया 77.98 लाख रुपये
- कुल: 2.66 करोड़ रुपये, 20,590 कनेक्शन कटे
मुख्य समस्याएं जो आ रहीं उपभोक्ता के सामने
- भुगतान के बाद भी 24 से 72 घंटे में बिजली बहाल
- स्मार्ट मीटर को प्रीपेड में बदलने की जानकारी का अभाव
- बिल जमा करने के बावजूद बकाया दिखाकर कटौती
- बिजली कटौती से पहले कोई सूचना नहीं
- पोर्टल पर गलत बकाया बिल दिखना
- हेल्पलाइन 1912 पर समाधान नहीं
- स्थानीय अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं
विधुत अधिकारियों का पक्ष
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता अखिलेश सिंह के अनुसार,
“कई बार सर्वर में दिक्कत के कारण भुगतान सिस्टम में अपडेट नहीं हो पाता। सभी शिकायतों का समाधान किया जा रहा है। रिचार्ज करने वाले उपभोक्ताओं की सूची मुख्यालय भेजकर आपूर्ति बहाल कराई जा रही है।”
शिकायत के लिए संपर्क
स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं के लिए उपभोक्ता 9217900683 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
स्मार्ट मीटर योजना का उद्देश्य पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाना था, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बनती दिख रही है। तकनीकी खामियों को दूर किए बिना इस व्यवस्था का सफल संचालन चुनौती बना हुआ है।
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