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Tuesday, February 24, 2026
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    Snake News: “इस पौधे के पत्ते से 5 मिनट में उतर सकता है सांप का जहर! नाम सुनकर रह जाएंगे हैरान”

    Snake News
    Snake News: "इस पौधे के पत्ते से 5 मिनट में उतर सकता है सांप का जहर! नाम सुनकर रह जाएंगे हैरान"

    Snake News:  अनु सैनी। भारत में आयुर्वेद और परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों का इतिहास हजारों वर्षों पुराना है। यहां हर बीमारी का इलाज प्रकृति में छिपा हुआ है। लेकिन अगर कोई कहे कि एक पौधा ऐसा भी है जिसकी सिर्फ पत्तियों से आप सांप के जहर को कुछ ही मिनटों में बेअसर कर सकते हैं, तो शायद यकीन करना मुश्किल हो। मगर ये सच है और जब आप इस पौधे का नाम सुनेंगे, तो हैरानी जरूर होगी, क्योंकि यह पौधा हमारे आसपास बहुत ही आम तौर पर पाया जाता है।

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    ‘अपामार्ग’ एक चमत्कारी औषधीय पौधा | Snake News

    जिस पौधे की बात हो रही है उसका नाम है अपामार्ग (Achyranthes Aspera), जिसे आम भाषा में लटजीरा, चिरचिटा या आघाड़ा भी कहा जाता है। यह भारत के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में झाड़ियों के रूप में उगता है। शायद आपने कभी इसे नजरअंदाज किया हो, लेकिन इसके पत्तों और जड़ों में अद्भुत औषधीय
    गुण होते हैं।

    कैसे करता है अपामार्ग सांप के जहर को निष्क्रिय?

    आयुर्वेद के विशेषज्ञों के अनुसार, अपामार्ग के पत्तों और जड़ में जहरनाशक तत्व पाए जाते हैं जो विषैले प्रोटीन को निष्क्रिय करने की क्षमता रखते हैं। विशेष रूप से जब किसी व्यक्ति को सांप ने काट लिया हो, तो उसके तुरंत बाद अपामार्ग के ताजे पत्तों को पीसकर उसका रस जख्म पर लगाया जाए और थोड़ी मात्रा में रोगी को पिलाया जाए, तो यह जहर के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकता है।

    5 मिनट में कैसे असर करता है? Snake News

    अपामार्ग के पत्तों का रस जब सीधे जख्म पर लगाया जाता है तो यह विष को रक्त में फैलने से रोकता है।
    कोशिकाओं में विष के प्रभाव को कम करता है।
    सूजन और दर्द को शांत करता है।
    शरीर की प्रतिरक्षा को तेजी से सक्रिय करता है।
    यह प्रक्रिया 3 से 5 मिनट में शुरू हो जाती है, और जहर के लक्षणों में राहत मिलती है।

    सिर्फ सांप नहीं, अन्य विषैले डंक में भी असरकारी | Snake News

    अपामार्ग का उपयोग केवल सांप ही नहीं बल्कि बिच्छू, मधुमक्खी और जहरीले कीड़े-मकोड़े के डंक के इलाज में भी किया जाता है। यह जलन, सूजन और दर्द को कम करता है। यही वजह है कि कई आयुर्वेदिक नुस्खों में इसे प्रमुख औषधि के रूप में शामिल किया गया है।

    कैसे करें इस्तेमाल झ्र एक पारंपरिक विधि

    चेतावनी: यह जानकारी केवल शिक्षा उद्देश्य से है। किसी भी विषैले जानवर के काटने पर प्राथमिक इलाज के बाद तुरंत डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
    1. अपामार्ग के 5-10 ताजे पत्ते लें।
    2. उन्हें पीसकर थोड़ा सा पानी मिलाकर पेस्ट बना लें।
    3. इस पेस्ट को सीधे काटे गए स्थान पर लगाएं।
    4. थोड़ा रस रोगी को चटाएं (प्रशिक्षित वैद्य की सलाहनुसार)।
    5. रोगी को डॉक्टर के पास ले जाना न भूलें।

    आश्चर्यजनक तथ्य आम पौधा, अद्भुत गुण

    यह पौधा भारत में लगभग हर जगह पाया जाता है।
    बारिश के मौसम में इसकी अधिकता होती है।
    पशु चिकित्सा में भी इसका प्रयोग होता है।
    आयुर्वेद में इसे ‘कृमिघ्न’, ‘शोथहर’, और ‘विषनाशक’ के रूप में जाना जाता है।
    हमारी प्रकृति और आयुर्वेद में ऐसे कई रहस्य छिपे हैं जिनकी जानकारी आम लोगों को नहीं होती। अपामार्ग एक ऐसा ही चमत्कारी पौधा है, जो अगर समय रहते इस्तेमाल किया जाए तो कई जिंदगियां बचा सकता है। हालांकि आधुनिक चिकित्सा अत्यंत आवश्यक है, लेकिन प्राकृतिक उपायों की जानकारी भी जीवनरक्षक सिद्ध हो सकती है।

    सावधानी: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, और इसे किसी भी चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।