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Monday, February 2, 2026
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    ताकि हार जाए कोरोना, जीत जाएं हम

    Haryana Police Officers and Jawans

    संकट काल में आमजन की सेवा में जुटे हरियाणा पुलिस के अधिकारी और जवान

    (Haryana Police Officers)

    • गरीब जरूरतमंद लोगों का भर रहे पेट

    • लॉकडाउन का सख्ती से करवाया जा रहा पालन

    अश्वनी चावला/सच कहूँ  चंडीगढ़। दुनिया के तमाम मुल्क आज जहां कोरोना के कहर से जूझ रहे हैं तथा लाकॅडाउन के कारण सभी लोग अपने-अपने घरों में हैं। वहीं हरियाणा पुलिस के अधिकारी व जवान कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में दिन-रात राज्य सरकार के निर्देशों पर अमल करते हुए पूरे जोश और समर्पण के साथ सेवाएं दे रहे हैं। इनका मंतव्य है कि कोरोना को हराकर देश के नागरिकों की जिदंगियां बचाकर इस जंग को जीत लिया जाए। पुलिसकर्मी अपनी रोजमर्रा की ड्यूटी के साथ-साथ लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवा रहे हैं, ताकि कोरोना के कहर से बचा जा सके।

    हर मोर्चे पर जानलेवा वायरस को हराने के लिए ये जवान सीना तानें खड़े मिलते हैं

    आपदा की घड़ी में चाहे अंतरराज्यीय सीमाओं को सील कर संक्रमण को रोकना हो, रास्तों में फंसे प्रवासी मजदूरों को अस्थायी आश्रय में भेजना हो, बुजुर्गों व बीमारों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवानी हो या रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करनी हो। इतना ही नहीं, पुलिस के ये कोरोना योद्धा सभी जिलों में अपना समाजिक दायित्व को बखूबी निभाते हुए गरीबों व जरूरतमंदों को भोजन व राशन वितरित कर मानवता की जी जान से सेवा कर रहे हैं।

    19 लाख से अधिक जरूरतमंदों को मुफ्त राशन व भोजन की सुविधा प्रदान की जा चुकी है

    अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था, नवदीप सिंह विर्क का कहना है कि पुलिस विभाग द्वारा सामाजिक संगठनों की सहायता से अब तक 19 लाख से अधिक जरूरतमंदों को मुफ्त राशन व भोजन की सुविधा प्रदान की जा चुकी है। कोरोना के खिलाफ चल रही इस जंग में चौबीसों घंटे पुलिस के सभीअधिकारियों व जवानों सहित महिला पुलिसकर्मी भी पूरी मुस्तैदी के साथ कर्तव्यों का निर्वहन कर रही हैं।

    जब लोग नहीं मानते तो कभी-कभार सख्ताई भी बरतनी पड़ती हैं : हरियाणा पुलिस

    वहीं प्रदेश के लोगों को कोरोना से बचाने के लिए उनकी कर्मठता और जज्बे में कोई कमी नहीं आई है। एक महिला पुलिसकर्मी कहती हैं कि मेरी कोशिश रहती है कि मैं परिवार से दूर रहूं और बच्चों के सोने के बाद ही घर जाऊं। डर रहता है कि किसी प्रकार की दिक्कत न हो जाए, इसलिए फोन पर ही बात कर दिल को तसल्ली दे लेती हूं।

    • एक अन्य पुलिसकर्मी के मुताबिक, लॉकडाउन में लोगों को घरों में रखना भी पुलिस के लिए एक चुनौती है।
    • जब लोग नहीं मानते तो कभी-कभार सख्ताई भी बरतनी पड़ती हैं।
    • नाकों व अन्य स्थानों पर दिन-रात ड्यूटी करते हुए कुछ लोग जब हमारी तारीफ करते हैं ।
    • हमें भी अपनेपन का अहसास होता है।

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