सोल। दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने देश के पूर्व राष्ट्रपति यून सूक येओल (Former South Korean President Yoon Suk Yeol ) को वर्ष 2024 में मार्शल लॉ लागू करने के प्रयास से जुड़े प्रकरण में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह निर्णय सोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने गुरुवार को सुनाया। समाचार एजेंसी योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, न्यायालय ने माना कि मार्शल लॉ की घोषणा का कदम संवैधानिक व्यवस्था के विरुद्ध विद्रोह के समान था। अदालत ने विशेष रूप से इस तथ्य पर बल दिया कि संसदीय परिसर में सेना की तैनाती ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को बाधित करने का प्रयास किया। South Korean News
अभियोजन पक्ष का आरोप था कि 3 दिसंबर 2024 को लगभग छह घंटे तक लागू रहे मार्शल लॉ के दौरान पूर्व राष्ट्रपति ने तत्कालीन रक्षा मंत्री और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर संवैधानिक ढांचे को प्रभावित करने की साजिश रची। अभियोजकों का कहना था कि उस समय देश में ऐसी कोई असाधारण राष्ट्रीय आपातस्थिति नहीं थी, जो इस प्रकार के कदम को उचित ठहरा सके। विशेष अभियोजक दल ने पूर्व में मृत्युदंड की मांग की थी, यह कहते हुए कि यह कदम न्यायपालिका और विधायिका पर प्रभाव स्थापित करने के उद्देश्य से उठाया गया। हालांकि अदालत ने आजीवन कारावास को उपयुक्त दंड माना।
सुनवाई के दौरान यून ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति को प्रदत्त आपाताधिकारों का उपयोग विद्रोह की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। उनका पक्ष था कि निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में लिया गया था। यह फैसला दक्षिण कोरिया की राजनीतिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ न्यायपालिका ने संवैधानिक मर्यादाओं की पुनः पुष्टि की है। South Korean News















