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    बैडमिंटन में बुलंदियां

    Srikanth Kidambi, Super Series, Badminton, Game

    बैडमिंटन की दुनियां में भारत के ताज में एक और हीरा जड़ा गया है। श्रीकांत किदांबी ने सात दिन में दो सुपर सीरीज जीत कर शानदार सफलता प्राप्त की है। आस्ट्रेलियन ओपन सुपर सीरीज जीत कर वह साइना के बाद सबसे अधिक मजबूत भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने चीन के ओलंपिक चैंपियन को 22-20,21-16 से माद दी है।

    गत सप्ताह उन्होंने इंडोनेशियाई सुपर सीरीज खिताब अपने नाम किया था। उन्होंने वर्ष 2014 में चाइना ओपनव 2015 में इंडिया ओपन सीरीज जीती थी। साइना नेहवाल के नाम आठ सुपर सीरीज खिताब हैं। बैडमिंटन व टैनिस में भारत देश ने बुलंदियों को छूहा है। इससे पहले पीवी सिंधु भी स्पेन की ओलंपिक चैंपियन कैरोलीना मारिन को धूल चटा चुकी है।

    बेशक देश में क्रिकेट व हॉकी का जलवा अधिक है, किन्तु बैडमिंटन में हाल ही में हुई जीतों ने साबित कर दिया है कि यदि अन्य खेलों की तरफ भी पूरा ध्यान दिया जाए तो भारत के पास अच्छे खिलाड़ियों की कमी नहीं है।

    देश में बढ़िया खेल कल्चर पैदा किए जाने की जरूरत है। असंख्य खिलाड़ी हैं, जो सुविधाओं, मार्ग दर्शन के अभाव, आवश्यक पहुंच व पक्षपाती प्रशासनिक ढांचे कारण अपने हुनर को साबित करने से वंचित रह जाते हैं।

    गांव स्तर पर प्रबंध तो दूर अभी तक बड़े-छोटे शहरों में भी उचित प्रबंध नहीं हो सके हैं। ओलंपिक में 2-4 मैडल जीतना 121 करोड़ भारतियों के लिए निराशा वाली बात है। अमेरिका, चीन, रूस सहित यूरपी देशों ने एक दो खेलों की तरफ ध्यान देने की बजाए सभी खेलों पर जोर दिया है, जिस कारण ओलंपिक में उनके मैडलों की संख्या सूची में सबसे उपर होती है।

    हमारे देश में कल्चर इसके विपरीत है। यदि कोई एक खेल में मैडल जीतता है तो बच्चा-बच्चा उस खेल में लग जाता है। कंपनिया अपने विज्ञापनों के लिए जिस खिलाड़ी को अपना ब्रांड अंबेस्डर बनाती हैं तो पूरा देश उस खिलाड़ी का दीवाना हो जाता है।

    अच्छा हो यदि सरकारें व खेल संस्थाएं सभी खेलों को तरजीह दें, ताकि क्रिकेट, हॉकी जैसा सम्मान बैडमिंटन, टैनिस अन्य खेल को भी मिल सके। अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश का नाम ऊंचा करने वाले व्यक्ति का जिक्र सियासी मंचों पर भी करने लगे हैं।

    प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में श्रीकांत की सराहना करके पूरे देश का ध्यान इस बैडमिंटन खिलाडी की तरफ खींचा है। सभी खेलों को मान-सम्मान व आर्थिक सहायता उन्नति की तरफ लेकर जाएगी।

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