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Saturday, February 7, 2026
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    प्रदेश की बड़ी कंपनियों के कारोबार में आई गिरावट

    Import and Export

    करोना वायरस : चीन से आयात और निर्यात पर ब्रेक से बढ़ी मंदी

    (Import and Export)

    • मेट्रो, हवाई जाहज, पैरा मेडिकल, नट-बोल्ट, ट्रांसफार्मर के पुर्जे सहित अधिकतर सामान चाइना से होता है आयात

    • बिजनेस मीट भी कैंसिल, एलपीएस बोसोर्ड ने चाइना से रोका अपना बिजनेस

    रोहतक (सच कहूँ/नवीन मलिक)। प्रदेश में करोना वायरस का असर पर औद्योगिक ईकाईयों पर दिखाई देने लगा रहा है। यहां तक की बहुराष्ट्रीय कम्पनियों में भी चाइना से सामान के आयात व निर्यात का झटका लगने से व्यापार काफी प्रभावित हुआ है। (Import and Export) बताया जा रहा है कि औद्योगिक क्षेत्र गुरूग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, रोहतक, युमनानगर, जगाधरी, अंबाला सहित प्रदेश के अन्य स्थानों पर बड़ी यूनिटस में प्रोजेक्टों पर ब्रेक लग रहे हैं। हाल ही में एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी को दो हजार बसें बनाने का आर्डर मिला था, जबकि बस का बेस चाइना से आयात किया जाता है, लेकिन कोराना वायरस के डर से कम्पनी के इस प्रोजेक्ट को बड़ा झटका लगा है।

    • मेट्रो से लेकर हवाई जहाज के कलपुर्जें तक चाइना से आयात किए जाते हैं।
    • नट बोल्ट क्षेत्र से सामान चाइना में निर्यात किया जाता है।
    • इसका असर रोहतक के नट बोल्ट इंडस्ट्रीज पर भी अच्छा खास पड़ा है
    • चाईना में होने वाली मासिक बिजनेस मीट को कैसिंल कर दिया गया है।

    बड़े नुक्सान का अंदेशा

    बड़े उद्योगपतियों का मानना है कि कोराना वायरस अगर लम्बा चला तो इंस्ट्रीज को काफी नुकसान होगा। अब तक कोराना वायरस से पूरे भारत में करीब तीन फीसदी का नुकसान माना जा रहा है, जबकि प्रदेश इंस्ट्रीज पर इसका नुकसान करीब 15 फीसदी अब तक माना जा रहा है।

    रोहतक से निर्यात होते हैं नट बोल्ट

    रोहतक नट बोल्ट के निर्माण के मामले में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। यहीं नहीं रोहतक से तैयार होने वाले नट बोल्ट की मेट्रो, हवाई जहाज, वाहनों, अल्Ñासाउड मशीन सहित बड़े इलैक्ट्रोनिक सामान में इस्तमाल होता है और यहां के निर्मित नट बोल्ट करीब 46 देशों में निर्यात होते हैं, जिनमें अमेरिका, जापान, जर्मनी, फ्रांस, इग्लैंड आदि देश शामिल हैं।

    चाइना से आते हैं कलपुर्जे और कैमिकल

    अब रही प्रदेश की औद्योगिक ईकाईयों की बात तो काफी कलपुर्जे चाइना से आयात होते हैं, जिनमें इलैक्ट्रोनिक का सामान प्रमुख है। यहीं नहीं नट बोल्ट के लिए कुछ कच्चा माल भी चाइना से आयात किया जाता है और पैरामेडिकल में प्रयोग होने वाला कैमिकल अधिकतर चाइना से ही मंगाया जाता है। इसके पीछे कारण यह है कि चाइना से आयात किया जाने वाला सामान सस्ता उपलब्ध होता है और अधिकतर इंडस्ट्रीज में चाइना से ही सामान मंगाया जाता है।

    प्रदेश के बडे औद्योगिक नगरी….

    • गुरूग्राम।
    • फरीदाबाद।
    • रोहतक।
    • पानीपत।

    बहादुरगढ़ व सोनीपत सहित अन्य आठ जिलों में कोराना वायरस के चलते इंस्ट्रीज पर असर दिखाई देने लगा है।

    उद्योगपतियों ने जताई बड़े नुकसान की आशंका

    एलपीएस बोसार्ड के प्रबंधक निदेशक एवं प्रमुख उद्योगपति राजेश जैन का कहना है कि अगर देखा जाए तो शुरूआत में इसका असर इंस्ट्रीज पर कम माना जा रहा था, क्योंकि अभी पहले का स्टाक मौजूद है, लेकिन जिस तरह से चाइना में हालात बने हुए हैं, उससे साफ है कि औद्योग पर काफी असर पर काफी असर पड़ेगा।

    2000 बसों के आर्डर पर लगा ब्रेक

    राजेश जैन एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी का जिक्र करते हुए बताया कि बसें बनाने का बेस चाइना से आयात होता है और इस कम्पनी को करीब दो हजार बसें बनाने का आर्डर मिला था, लेकिन कोराना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते इस प्रोजेक्ट पर ब्रेक लग गए हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि चाइना में होने वाली बिजनेस मीट उन्होंने रद्द कर दी है। प्रसिद्ध उद्योगपति एवं किया मोर्टस के एमडी राजेन्द्र बंसल ने बताया कि करोना वाइस के चलते गाड़ियों की सप्लाई में भी भारी गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि गाडियों की डिमांड तो बहुत है, लेकिन सप्लाई बहुत कम हो रही है।

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