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    Rabies: सतर्क रहें! जा सकती है इस बीमारी से जान!

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    Rabies: सतर्क रहें! जा सकती है इस बीमारी से जान! जानें क्या है रेबीज की पहचान? क्या जा सकती है इस बीमारी से जान?

    Rabies: देष या फिर विदेष में आए दिन कोई न कोई कुत्ते के काटने से रेबीज की बीमारी के चलते मौत का ग्रास बन रहा है। बीते दिनों यूपी के गाजियाबाद जिले में ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा हो गया है, जहां कुत्ते के काटने से हुई रेबीज बीमारी के चलते एक 14 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। जो कि जानकारी के अभाव में मारा गया। आज हम इस लेख के माध्यम से रेबीज की बीमारी के बारे में बताने जा रहे हैं। इसके लक्षण, पहचान और आखिर यह बीमारी कितनी खतरनाक है। इस सारी जानकारी से आज हम आपको अवगत कराने जा रहे हैं।

    जरा गौर फरमाइयेगा। बता दें कि रेबीज कुत्ते के काटने से फैलने वाली बीमारी है । अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो हर साल रेबीज की बीमारी के कारण 18 से 20 हजार लोगों की मौत हो जाती है। लगभग 30 से 60 प्रतिशत मामले भारत में ही मिल जाते हैं, जिसमें 15 साल से कम उम्र वाले बच्चे रेबीज के षिकार होते हैं। कैसे फैल सकता है यह रेबीज? बता दें कि बच्चों को जब कुत्ता काट लेता है तो उसकी रिपोर्ट नहीं की जाती है जिसके चलते कुत्ते के मालिक उनकी तरफ ध्यान नहीं देते और इस तरह की घटनाओं पर अंकुष नहीं लग पाता।

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    Rabies: सतर्क रहें! जा सकती है इस बीमारी से जान! जानें क्या है रेबीज की पहचान? क्या जा सकती है इस बीमारी से जान?

    आइये जानते हैं कि रेबीज क्या है? Rabies

    रेबीज एक रेबीज नाम की विषाणु से फैलने वाली बीमारी है और आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह खासकर जानवरों की बीमारी है। अगर किसी जानवर को यह बीमारी है और उसने किसी इंसान को काट लिया तो उससे यह बीमारी उस इंसान को भी फैल जाएगी। यह विषाणु इंफेक्टेड जानवरों के लार में होता है। जब कोई इस बीमारी से इंफेक्टेड जानवर इंसान को काट लेता है तो यह विषाणु लार के जरिए इंसान के ब्लड में चला जाता है।

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    जानें, मुख्य लक्षण

    आपके आसपास अगर कोई जानवर रेबीज की बीमारी से ग्रस्त है और उसने किसी जानवर को काट लिया है तो इसके लक्षण कुछ दिनों के अंदर उस जानवर के अंदर दिखाई देने लगते हैं। वहीं दूसरी तरफ रेबीज के कुछ केसेस भी ऐसे हैं जिनके लक्षण का पता चलने में काफी ज्यादा वक्त लग जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रेबीज की बीमारी का खास लक्षण यह है कि इसमें जानवर के काटते ही जिस जगह काटता है उसके आसपास की मांसपेशियाों में सनसनाहट शुरू हो जाती है। रेबीज का विषाणु ब्लड में पहुंच कर बाद में वह दिमाग तक चला जाता है।

    अन्य लक्षण

    • तेज दर्द होना
    • थकावट महसूस होना
    • सिर में दर्द होना
    • कमजोरी होना, लकवा मार देना
    • बुखार आना
    • मांसपेशियों में जकड़न और दर्द होना
    • चिड़चिड़ापन
    • अजीब अजीब सा ख्याल आना
    • लार या आंसू ज्यादा बनना
    • तेज आवाज से गुस्सा आना
    • बोलने में तकलीफ होना
    • किसी पर भी अटैक कर देना

    रेबीज किन किन जानवरों से फैलता है ?

    रेबीज ज्यादातर कुत्तों, बिल्लियों, बंदरों को काटने से फैलता है. दरअसल, अगर किसी इन जानवरों में से किसी को रेबीज की बीमारी है तो वह इंसान को काटेगा तो उसमें भी फैल जाएगा।

    क्या है इसका इलाज?

    बता दें कि वैसे तो रेबीज लाइलाज है लेकिन कुछ लोग इसमें जिंदा भी बच जाते हैं। अगर किसी व्यक्ति को रेबीज की बीमारी वाले कुत्ते ने काट लिया है तो उसे समय-समय पर वैक्सीन लगवाते रहना चाहिए।

    वैक्सीनेशन है जरुरी

    आपने अगर अपने घर में किसी भी तरह का जानवर पाल रखा है तो सबसे पहले बहुत ही ज्यादा जरूरी है कि समय-समय पर उसकी वैक्सीनेशन करवाते रहें। ताकि वह अगर किसी को खरोच या कांट भी लें तो घर में रह रहें, व्यक्ति को किसी भी तरह की परेशानी न हो। अगर आपके पालतू जानवर को समय-समय पर वैक्सीन लग रहे हैं तो आप निश्चिंत हो सकते हैं।

    नोटः इस लेख में दी गई जानकारी आपकी सामान्य जानकारी के लिए है, सच कहूं इसकी पुष्टि नहीं करता है; किसी भी विधि, तरीकों और सुझाव पर अमल करने से पहले संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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