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Friday, April 10, 2026
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    Sudan Crisis: एल फशर और कोर्डोफन में बड़े पैमाने पर यौन हिंसा जारी

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    Sudan Crisis: एल फशर और कोर्डोफन में बड़े पैमाने पर यौन हिंसा जारी

    Sudan War Update: संयुक्त राष्ट्र। सूडान के अल-फशर शहर पर रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ (आरएसएफ) का नियंत्रण स्थापित हुए एक सप्ताह से अधिक हो चुका है, और इस अवधि में नागरिकों पर हो रहे अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहे। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय संगठनों ने बताया कि शहर में महिलाओं, बच्चों और आम जनों पर हिंसा, हत्या तथा दुर्व्यवहार की गंभीर घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। Sudan News

    संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) के अनुसार, बड़ी संख्या में नागरिक मारे गए हैं, जिनमें राहत कार्यों से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। कई परिवार शहर में फंसे हुए हैं और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। राहत सामग्री की आपूर्ति आरएसएफ द्वारा रोकी जा रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुसार ऐसी सहायता को बिना बाधा आगे बढ़ने देना आवश्यक है।

    अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) ने बताया कि 26 अक्टूबर को अल-फशर के पतन के बाद करीब 71,000 लोग शहर छोड़ने को मजबूर हुए, जिनमें अधिकांश ने 40 किलोमीटर दूर स्थित तवीला क्षेत्र में शरण ली है। रास्ते में भागते हुए कई लोगों ने हत्या, अगवा करने और यौन हिंसा की घटनाओं का भी उल्लेख किया है। Sudan News

    रिपोर्ट के अनुसार तवीला में हालात अत्यंत दयनीय

    ओसीएचए की रिपोर्ट के अनुसार तवीला में हालात अत्यंत दयनीय हैं—परिवार खुले आसमान के नीचे या कमजोर अस्थायी आश्रयों में रहने को मजबूर हैं, भोजन की कमी गहराती जा रही है और स्वच्छ पानी का संकट गंभीर रूप ले चुका है। संयुक्त राष्ट्र और उसके भागीदार संगठन भोजन, स्वास्थ्य सेवा, पेयजल, पोषण और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं, लेकिन सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण ये प्रयास जरूरतों का केवल एक छोटा हिस्सा ही पूरा कर पा रहे हैं।

    कोर्डोफन क्षेत्र में भी हिंसा ने तेज़ी पकड़ ली है। उत्तरी कोर्डोफन के बारा इलाक़े में नागरिकों की कथित हत्या समेत गंभीर उल्लंघनों की खबरें मिली हैं। आईओएम के अनुसार, 26 से 31 अक्टूबर के बीच अकेले बारा, उम रवाबा और पास के गांवों से लगभग 37,000 लोग विस्थापित हुए, जहां लोग सुरक्षा की कमी, खाद्यान्न की भारी किल्लत और नष्ट हो चुके बुनियादी ढांचे से जूझ रहे हैं।

    वर्ष 2025 के लिए सूडान मानवीय सहायता योजना गहरे वित्तीय संकट से गुजर रही है। आवश्यक 4.16 अरब डॉलर में से केवल 1.17 अरब डॉलर ही प्राप्त हुए हैं, जो कुल आवश्यकता का मात्र 28 प्रतिशत है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि देश में फंसे लाखों लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए त्वरित और निरंतर धनराशि की आवश्यकता है। Sudan News