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    1983 की कहानी को दोहराएंगे भारत के योद्धा

    India's warrior will repeat the story of 1983

    ’ टीम इंडिया वर्ल्ड कप जीतेगी कितनी उम्मीद है आपको?

    पूरा हिंदुस्तान इस आस में है कि विदेशी धरती पर हमारे खिलाड़ी 1983 की कहानी दोहराएंगे। लेकिन खेल के मैदान पर उम्मीदों से ज्यादा प्रदर्शन मायने रखता है। एक दिवसीय क्रिकेट का स्वरूप बदल चुका है। परिणाम के लिए आखिरी गेंद तक कुछ नहीं कहा जाता। क्रिकेट अब धीमा नहीं रहा, बहुत फास्ट हो गया है। मैचे जीतने के लिए तीनों प्रमुख विभागों जैसे बॉलिंग, क्षेत्ररक्षण और बल्लेबाजी में उम्दा प्रदर्शन दिखाना होता है। विश्व कप जैसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय टूनार्मेंटों में कोई भी टीम आसानी से हार नहीं मानती, मैच की अंतिम गेंद तक जीत का पीछा करती है। वर्ल्ड कप-2019 के लिए टीम इंडिया की तैयारी बेजोड़ है। सभी खिलाड़ी फॉर्म में हैं। बॉलिंग के लिहाज से इंग्लैड के मैदान कुछ धीमें हैं। इसलिए कड़ी परीक्षा गेंदबाजों की है। गेंदबाजी में हमारी टीम सधी हुई है। पूरी उम्मीद है कि इस बार टीम फतह करके ही वतन लौटेगी।

    • ’ किन क्षेत्रों में आप टीम इंडिया को कमजोर आंकते हो?

    पिछले चार वर्षों में टीम इंडिया का शेड्यूल काफी बिजी रहा है। कई बड़े टूनार्मेंट खेले हैं और जीते हैं। आॅस्ट्रेलिया जैसी धुरंधर टीम को उसी के घर में मात देने से आकंलन लगाया जा सकता है कि पूरी टीम संतुलित है। हमारे सभी खिलाड़ियों में तालमेल गजब का है। इसका पूरा श्रेय मैं कोच रवि शास्त्री को देना चाहूंगा। उन्होंने सभी लड़कों को एक डोर में बांधे रखा है। मेरे हिसाब से हमारी टीम को प्ले-फोर तक कोई नहीं रोक सकता। क्योंकि असली मुकाबले उसके बाद ही शुरू होंगे। न्यूजीलैंड, आॅस्ट्रेलिया, इंग्लैंड की टीमें कड़ी टक्कर देने का मादा रखती हैं। कमोबेश, अंतिम मुकाबले इन्हीं चारों के बीच ही होंगे। लेकिन फिर भी किसी को कमत्तर आंकना भी जल्दबाजी होगा। क्योंकि विश्व कप में कई बार छोटी टीमों ने उलटफेर किया है। हमें नहीं भूलना चाहिए कि कभी केन्या जैसी टीम भी सेमीफाइनल में पहुंची थी।

    • ’ धवन के चोटिल होने से दिक्कतें बढ़ गई हैं? वैसे भी नंबर चार पर खिलाने की चुनौती टीम के समक्ष पहले से है?

    ऐसी कोई चुनौती नहीं है। प्रत्येक नंबर पर खिलाड़ी को मैदान पर भेजने की प्लानिंग कप्तान और कोच सोच विचार कर करते हैं। ये फैसला अचानक नहीं लिया जाता, बल्कि पूर्व योजना का हिस्सा होता है। टीम सेलेक्शन के दौरान सभी पहलूओं पर गौर किया जाता है। 2019 विश्व कप के लिए टीम का चुनाव बड़े सोच समझकर किया गया है। फिर भी मेरे हिसाब से चौथे नंबर के लिए केएल राहुल उपयुक्त हैं। पांड्या, मोहम्मद शमी गेंदबाज के अलावा अच्छी बैटिंग भी करते हैं। यह हमारे लिए प्लस प्वाइंट है। बॉलिंग में हमारी पकड़ दूसरी टीमों के मुकाबले काफी मजबूत है। एशिया की टीमों में हमारी टीम सबसे मजबूत है। धवन के विकल्प भी हैं टीम के पास।
    ’ क्रिकेट में आपका लंबा अनुभव रहा। बड़े टूनार्मेंटों को जीतने की मुख्य कुंजी क्या होती है?

    खेल मैदान में मनोबल का जिंदा रखना बहुत जरूरी होता है। जब आप शुरूआती मैचों में अच्छा करते हो, तो आपकी शक्ति दूनी हो जाती है। इसलिए शुरूआती प्रदर्शन आपको अंत तक बने रहने का हौसला देता है। हमारे लिए अच्छी बात यह है कि टीम इंडिया प्रथम चरण के मैचों में उम्दा खेल जौहर दिखा रही है। ना होगा। रोहित, विराट, दिनेश कार्तिक व धोनी अच्छे फॉर्म में है। ओपनर जोड़ी पर काफी दामोदर रहता है। इन दोनों के साझेदार के रूप में स्कोर बोर्ड पर कम से कम सौ रन टांगने ही होंगे। क्योंकि इसके बाद स्कोर का बेस अच्छा बन जाता है।

    • ’ बीसीसीआई की तरफ से भी कोई खास तैयारी की गई है?

    बीसीसीआई ने इस बार एक अच्छा प्रयोग किया है। पिछले कुछ माह से टीम इंडिया लगातार मैच खेल रही है। करीब डेढ़ माह आइपीएल चला, उससे पहले आयरलैंड, इंग्लैंड आॅस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड में खेलकर आई। आराम करने का ज्यादा मौका नहीं मिला। विश्व कप में कोई भी खिलाड़ी वर्कलोड से आहत न हो, इसके लिए बीसीसीआइ हर खिलाड़ी को हाईटेक डिवाइस प्रदान किया है। डिवाइसनुमा जीपीएस को पहनकर खिलाड़ी मैदान में उतर रहे हैं जिससे प्रत्येक खिलाड़ी की परफॉमेंस ट्रैकिंग व फिटनेस का पता चलता है। बीसीसीआइ ने इस डिवाइस के लिए ब्रिटेन की स्टेटस्पोटर्स कंपनी से करार किया है। इस डिवाइस का प्रयोग पहले भी कुछ टीमें कर चुकी हैं। पंद्रह चुने गए खिलाड़ियों के अलावा कुछ खिलाड़ी रिर्जव भी रखे गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर उनको खिलाया जा सके।

    • ’ इंग्लैंड की पिचों का मिजाज कुछ बदला हुआ रहता है। तब गेंदबाजों पर दारोमदार ज्यादा रहेगा, बॉलिंग डिपार्टमेंट में कहीं कोई खामियां?

    वहां की पिचें स्पिन के लिए मददगार रहती हैं। इसका रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव जैसे गेंदबाजों को फायदा मिल रहा है। गेंदबाजी यूनिट को जल्दी से यह अहसास करना होगा कि पिच किस तरह खेल रही है। उस हिसाब से ही खुद को रमाना होगा। वैसे टीम इंडिया की इस बार ताकत उनकी बॉलिंग है। गेंदबाजी यूनिट में टीम अच्छे से सजी है। भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या, रवींद्र जडेजा युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, और मोहम्मद शमी जैसे बेहतरीन गेंदबाज मैचों का रूख अपनी तरह करने का मादा रखते है। हमें सबसे ज्यादा ध्यान क्षेत्ररक्षण पर देना होगा।

    -रमेश ठाकुर

     

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