गोरीवाला/डबवाली (सच कहूँ/अनिल)। खंड में मौजगढ़ हेड से निकलने वाली तेजाखेड़ा माइनर अबूबशहर के पास सेठ खान चंद के पुराने ईंट भट्ठे के पास शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे के टूट गई। माइनर टूटने से लगभग 80 एकड़ गेहूं की पक्की फसल जलमग्न हो गई। किसानों के अनुसार,माइनर में 15 फुट की दरार आ गई थी,जिससे पानी का बहाव बहुत तेज था। उन्होंने तत्काल नहरी विभाग को सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने फोन नहीं उठाया। विभाग से मदद न मिलने पर किसानों ने अपने स्तर पर मिट्टी के थैले भरकर और जेसीबी की मदद से दरार को भरने का प्रयास किया। हालांकि,पानी के तेज बहाव के कारण दरार को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा था,फिर भी किसान लगातार मरम्मत कार्य में जुटे रहे। Sirsa News
तेज आंधी के कारण माइनर के किनारे पेड़ टूटकर गिर गए, जिससे पानी का बहाव अवरुद्ध हो गया
किसान गुरप्रीत सिंह,गोरा सिंह,विजेंद्र सहारण,देवीलाल भादू और सरदार बूटा सिंह ने बताया कि माइनर के ओवरफ्लो होने और टूटने की जानकारी देने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई,लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। उन्होंने माइनर में दरार आने का मुख्य कारण इसकी कभी सफाई न होना बताया। यह माइनर राजस्थान कैनाल के नीचे से होकर आगे किसानों के खेतों में सिंचाई करती है। हाल ही में आई तेज आंधी के कारण माइनर के किनारे पेड़ टूटकर गिर गए,जिससे पानी का बहाव अवरुद्ध हो गया। इसी वजह से माइनर ओवरफ्लो होकर काला तीतर की तरफ टूट गई।
किसानों ने आक्रोश जताते हुए बताया कि इससे पहले भी 16 मार्च को भाखड़ा मैन ब्रांच जो की काला तीतर के पास से टूट गई थी। जिसमें करीब डेढ़ सौ एकड़ फसल का नुकसान हुआ था। किसान अभी तक उस आपदा से उबर नहीं पाया। दूसरी यह मुसीबत आन पड़ी। जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। किसानों ने कहा कि माइनर की सफाई के लिए उन्होंने कई बार विभाग को अवगत करवाया। परंतु इस और किसी भी प्रकार का कोई ध्यान नहीं दिया गया। जिसका खामियाजा माइनर के किसानों को भुगतना पड़ा। पीड़ित किसानों ने क्षतिग्रस्त गेहूं की फसल व ट्यूबवेल आदि के नुकसान की स्पेशल गिरदावरी करवा मुआवजे की मांग की गई है।
गांव दड़बा कलां के पास फिर टूटी शेरांवाली नहर | Sirsa News
Sheranwali Canal Breaches: चौपटा (सच कहूँ/ भगत सिंह)। क्षेत्र के गांव दड़बा कलां के समीप शेरांवाली नहर वीरवार रात्रि के समय टूट गई। इससे किसानों की गेहूं की फसल डूब गई। नहर टूटने की सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद नहराना हेड से नहर को बंद करवाया गया। गौतरलब है कि यह नहर कुछ दिन पहले भी गांव दड़बा कलां के पास टूट गई थी। बार बार नहर टूटने से जहां एक और पानी भरने से फसलों को नुकसान हो रहा है वहीं नहरों के अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांवों में पानी नहीं पहुंच पाता।
जानकारी के अनुसार गांव दड़बा कलां के समीप वीरवार रात्रि करीबन साढ़े नौ बजे शेरांवाली नहर बर्जी नंबर 3३ हजार 200 के टूट गई। इससे पानी तेजी से गांव की तरफ खेतों में बढने लगा। इससे किसानों की गेहूं की करीबन 40 एकड़ में फसल डूब गई। किसानों ने फसल डूबने पर जिला प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है। इससे पहले 15 मार्च को नाथूसरी चौपटा क्षेत्र से गुजरने वाली शेरांवाली नहर गांव दड़बा कलां के पास सुबह करीबन 4 बजे अचानक टूट गई थी। नहर में करीब 60 फुट चौड़ी दरार आ गई।
इससे किसानों की पक कर तैयार खड़ी गेहूं की फसल पानी में डूब गई। किसने की पूरी मेहनत पर पानी फिर गया। किसानों ने सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने नहर टूटने क सूचना दी। गौरतलब है कि इस शेरांवाली नहर से गांव कैंरावाली, दड़बा कलां, मानक दिवान, रूपाना खुर्द, रंधावा, अरनियांवाली, माधोसिंघाना, बकरियांवाली, मल्लेका, शेरांवाली, उमेदपुरा समेत अन्य गांवों में पानी की सप्लाई होती है। Sirsa News















