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    CM Bhagwant Mann: भगवंत मान सरकार की अगुवाई में ‘ए.आई. क्रांति’ किसानों की आय बढ़ाकर पंजाब के भविष्य को सुरक्षित करेगी

    CM Bhagwant Mann
    CM Bhagwant Mann: इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और अन्य भी उपस्थित थे।

    खेती अब लाभदायक नहीं रही, किसानों को संकट से बचाने के लिए ए.आई. बेहद जरूरी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

    • पंजाब ने अपनी मिट्टी और पानी को दांव पर लगाकर देश का पेट भरा, किसानों के भविष्य को सुरक्षित करना समय की मुख्य आवश्यकता: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
    • नशों और अपराध को संरक्षण देने वाले नेता पंजाब को फिर से बर्बाद करने के लिए एकजुट हो रहे हैं, लोगों को सतर्क रहना चाहिए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
    • महिलाओं को दिए जाने वाले 1,000 रुपये की सहायता का मजाक उड़ाने वाले आम लोगों के संघर्षों से अनजान हैं, वे एक बार के भोजन पर 5,000 रुपये खर्च कर देते हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
    • मेरा बसों, ढाबों, रेत या शराब में कोई हिस्सा नहीं है, मैं सिर्फ लोगों के दर्द का भागीदार हूं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

    लुधियाना (सच कहूँ न्यूज़)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (CM Bhagwant Mann) ने आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को पंजाब की खेती के लिए अगला निर्णायक मोड़ बताया। उन्होंने तर्क दिया कि पारंपरिक खेती अपनी सीमाओं तक पहुंच चुकी है और इससे अब किसानों की आय को बनाए रखना संभव नहीं है। खेती में तकनीकी हस्तक्षेप के पक्ष में मजबूत दलील देते हुए उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य घटते मुनाफे को बढ़ाना, प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव कम करना और किसानों के भविष्य को सुरक्षित करना है।

    इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों की वर्षों की अनदेखी के कारण पंजाब संकट की ओर बढ़ा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अब किसानों, बुनियादी ढांचे और कल्याण पर केंद्रित सुधार आधारित नीतियों के साथ राज्य का पुनर्निर्माण कर रही है।

    पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में राज्य स्तरीय किसान मेले को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ह्लपंजाब देश का अन्नदाता है, जिसने भारत को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया है। 1960 के दशक की हरित क्रांति के दौरान राज्य के मेहनती किसानों ने एक नया अध्याय लिखा। हालांकि, देश की सेवा करते हुए राज्य के किसानों ने उपजाऊ मिट्टी और पानी जैसे कीमती प्राकृतिक संसाधनों की कुर्बानी दी है।ह्व

    उन्होंने खेती में बढ़ते संकट का जिक्र करते हुए कहा, ह्लमुनाफे का मार्जिन घटने के कारण खेती अब लाभदायक नहीं रही और किसान अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मौजूदा फसल तकनीकों की उत्पादन क्षमता लगभग समाप्त हो गई है। कृषि आय बढ़ाने और संसाधनों पर निर्भरता कम करने के लिए खेती में एआई को लागू करना आवश्यक है।

    इस कदम के फायदों के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री (CM Bhagwant Mann) ने कहा, ह्लयह तकनीक किसानों को यह बताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी कि कौन सी फसल कब बोनी है ताकि लाभ और उत्पादकता दोनों बढ़ाई जा सके। पंजाब हमेशा नवाचार को अपनाने में अग्रणी रहा है और एआई इस क्षेत्र में क्रांति लाएगा। किसानों के हितों की रक्षा के लिए इसकी शुरुआत समय की मांग है।ह्व

    किसान-पक्षीय पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ह्लपहली बार धान के सीजन के दौरान खेतों के ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी गई। किसानों को अब सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल रही है। पंजाब के किसानों को देश में सबसे अधिक गन्ने का मूल्य मिल रहा है, जो 416 रुपये प्रति क्विंटल है। हर साल गेहूं और धान की खरीद के लिए किसानों को लगभग 80,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता है और यह राशि 24 घंटे के भीतर सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाती है। वर्ष 2022 से 2025 के बीच नहरों की लाइनिंग, मरम्मत और आधुनिकीकरण पर 6,700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में 300 प्रतिशत अधिक है। 2022 में नहर सिंचाई का उपयोग 20.90 लाख एकड़ में होता था और अब यह बढ़कर 58 लाख एकड़ हो गया है।

    सिंचाई के विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ह्लनहरों की सिंचाई क्षमता दोगुनी हो गई है, सिंचित क्षेत्र 2022 में 2.23 मिलियन एकड़ से बढ़कर 2025 में 5.8 मिलियन एकड़ हो गया है। 15,539 नहरों की सफाई की गई है और 18,349 खालों को बहाल किया गया है। दशकों बाद नहर का पानी 1,444 गांवों तक पहुंचा है। इसके अलावा, 545 किलोमीटर में फैली 101 बंद पड़ी नहरों को पुनर्जीवित किया गया है और फिरोजपुर फीडर नहर को रिकॉर्ड 35 दिनों में अपग्रेड किया गया, जिससे इसकी क्षमता में 2,682 क्यूसेक की वृद्धि हुई है।

    उन्होंने आगे कहा कि 75 वर्षों बाद सरहिंद नहर को अपग्रेड किया गया है, जिससे इसकी क्षमता 2,844 क्यूसेक बढ़ गई है। 22 किलोमीटर लंबी सरहाली माइनर नहर, जो दशकों से जमीन के नीचे दब गई थी, को खोजकर फिर से चालू किया गया है। भाखड़ा नहर की क्षमता 9,500 क्यूसेक है, लेकिन हमने आपूर्ति बढ़ाकर इसे 10,000 क्यूसेक कर दिया है, जिससे बिना एक इंच जमीन लिए प्रभावी रूप से एक नई नहर बनाई गई है। दशकों से किसान सिंचाई के लिए पानी की बारी पर निर्भर थे, लेकिन अब यह प्रणाली समाप्त हो गई है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। देश की कुल कृषि भूमि का केवल 3 प्रतिशत होने के बावजूद पंजाब राष्ट्रीय पूल में लगभग 40 प्रतिशत गेहूं और 31 प्रतिशत चावल का योगदान देता है। पंजाब को भारत का अन्नदाता कहा जाता है और किसानों के साथ-साथ पीएयू ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    शैक्षणिक उत्कृष्टता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ह्लराष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग ढांचे के अनुसार, पीएयू 2023, 2024 और 2025 में 75 सार्वजनिक कृषि विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान पर रहा है। एडू रैंक के अनुसार, यह विश्व स्तर पर शीर्ष 100 संस्थानों में शामिल है। सरकार इसके बुनियादी ढांचे को और उन्नत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    विविधीकरण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ह्लबागवानी के विस्तार के लिए जेआईसीए द्वारा समर्थित 1,300 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। मशीनरी, बुनियादी ढांचे, विपणन, बीज और अनुसंधान में निवेश के माध्यम से 2036 तक बागवानी क्षेत्र 3.56 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 16 लाख हेक्टेयर हो जाएगा, जो 300 प्रतिशत वृद्धि है। पंजाब में लंबे समय बाद एशिया कप हॉकी की मेजबानी की भी संभावना है।

    महिला-केन्द्रित कल्याण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ह्लमां-धियां सत्कार योजना के तहत प्रत्येक महिला को प्रति माह 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये मिलेंगे। यह राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं भी पात्र होंगी। इससे लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलेगा, जिसके लिए 9,300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस संबंध में पंजीकरण 13 अप्रैल से शुरू होगा। जो लोग इस योजना का मजाक उड़ा रहे हैं, वे आम लोगों के लिए 1,000 रुपये की कीमत नहीं समझते। एक बार के भोजन पर 5,000 रुपये से अधिक खर्च करने वाले धनी लोग इसकी महत्ता क्या समझेंगे। उनके परिवारों को इसकी आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन आम लोगों के लिए यह सार्थक समर्थन है।

    विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान  (CM Bhagwant Mann) ने कहा, ह्लसरकार लोगों के कल्याण के लिए लगातार मेहनत कर रही है, लेकिन विपक्षी नेता केवल सफलता में हिस्सा मांगते हैं। इन ताकतों ने नशों और अपराध को बढ़ावा दिया, जिसके कारण लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया। अब वे फिर से एकजुट हो गए हैं और उन्हें हराने के लिए पंजाबियों को भी एकजुट होना चाहिए। बसों, ढाबों, रेत या शराब के कारोबार में मेरा कोई हिस्सा नहीं है। मेरी केवल पंजाबियों के दर्द में साझेदारी है और मैं उनकी समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। पारंपरिक नेताओं ने पंजाब को बर्बाद कर दिया और उनके हाथ लोगों के दुखों से रंगे हुए हैं। पंजाब कभी एक समृद्ध राज्य था, लेकिन लालची नेताओं ने निजी स्वार्थों के लिए इसे तबाह कर दिया। लोग पहले ही उन्हें सबक सिखा चुके हैं और समय आ रहा है कि उन्हें पूरी तरह राजनीतिक गुमनामी में धकेल दिया जाए।

    अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, सुखबीर सिंह बादल सबसे बड़ा और पुराना झूठा है, जिसकी सोच केवल स्वार्थी है। बादल परिवार केवल राज्य को लूटने के लिए सत्ता का इंतजार कर रहा है। उन्हें पंजाब या इसके लोगों की कोई चिंता नहीं है और वे केवल सत्ता का दुरुपयोग करना चाहते हैं।

    उन्होंने आप सरकार की पहलों को आगे गिनाते हुए कहा, सरकार ने पूरे पंजाब में 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कों की मरम्मत के लिए एक बड़ा कार्यक्रम शुरू किया है। मरम्मत के साथ-साथ अगले पांच वर्षों तक उनके रखरखाव को भी सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को श्रद्धा के साथ मनाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए। पूरे राज्य में नगर कीर्तन निकाले गए, जो श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न हुए। श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए 24 नवंबर, 2025 को वहां एक विशेष विधानसभा सत्र भी आयोजित किया गया था।

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