
Heart Attack Warning: प्रतापनगर, राजेन्द्र कुमार। आज की तेज रफ्तार जिंदगी, बढ़ता मानसिक तनाव, अनियमित दिनचर्या और असंतुलित खानपान ने दिल की बीमारियों के खतरे को तेजी से बढ़ा दिया है। पहले हार्ट अटैक को बुज़ुर्गों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 30 से 40 वर्ष की आयु के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। कई मामलों में व्यक्ति पूरी तरह सामान्य दिखाई देता है और अचानक दिल का दौरा पड़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार हार्ट अटैक अचानक नहीं आता, बल्कि शरीर 24 से 48 घंटे पहले ही चेतावनी संकेत देने लगता है। समस्या यह है कि लोग इन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं।
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सीने में दर्द या दबाव का संकेत | Heart Attack Warning
हार्ट अटैक का सबसे प्रमुख लक्षण सीने में दर्द, जकड़न या दबाव महसूस होना है। यह दर्द हमेशा तेज और असहनीय हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार यह हल्के भारीपन या जलन जैसा महसूस होता है। कुछ मिनटों तक रहता है और फिर कम हो जाता है या रुक-रुक कर आता है। अधिकतर लोग इसे गैस या एसिडिटी समझ लेते हैं, जबकि यह हृदय की मांसपेशियों तक खून की कमी का संकेत हो सकता है। यदि सीने में असामान्य कसाव महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
सांस लेने में तकलीफ
यदि बिना ज्यादा मेहनत किए ही सांस फूलने लगे या सीढ़ियां चढ़ते समय असामान्य थकावट हो, तो यह दिल की परेशानी का संकेत हो सकता है। कई बार यह लक्षण सीने के दर्द के बिना भी दिखाई देता है, जिससे व्यक्ति भ्रमित हो जाता है। खासकर महिलाओं में सांस की तकलीफ हार्ट अटैक से पहले का अहम संकेत माना जाता है।
असामान्य और अत्यधिक थकान
हार्ट अटैक से पहले शरीर में अत्यधिक थकान महसूस हो सकती है। यदि सामान्य काम करने के बाद भी शरीर बेहद कमजोर लगे या बिना कारण ऊर्जा की कमी महसूस हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। जब दिल ठीक से रक्त पंप नहीं कर पाता, तो शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचती, जिससे थकान बढ़ जाती है। यह लक्षण विशेष रूप से महिलाओं में अधिक पाया जाता है।
दर्द का फैलना – हाथ, गर्दन और जबड़े तक
दिल का दर्द केवल सीने तक सीमित नहीं रहता। कई बार यह दर्द बाएं हाथ, दोनों हाथों, गर्दन, जबड़े, कंधों या पीठ तक फैल सकता है। कुछ लोगों को जबड़े में भारीपन या कंधे में खिंचाव जैसा दर्द महसूस होता है। यदि ऐसा दर्द बिना किसी चोट के हो और धीरे-धीरे बढ़े, तो यह हार्ट अटैक की चेतावनी हो सकता है।
ठंडा पसीना और बेचैनी
अचानक बिना किसी शारीरिक मेहनत के ठंडा पसीना आना भी गंभीर संकेत हो सकता है। इसके साथ घबराहट, बेचैनी या अजीब सा डर महसूस हो सकता है। कई लोग इसे सामान्य घबराहट समझ लेते हैं, लेकिन यदि यह लक्षण अन्य संकेतों के साथ दिखे तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
मतली, उल्टी और अपच जैसी समस्या
कुछ लोगों को हार्ट अटैक से पहले मतली, उल्टी जैसा महसूस होना या पेट में जलन और अपच की शिकायत हो सकती है। विशेष रूप से महिलाएं इन लक्षणों को गैस या पेट की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। यदि पेट की परेशानी के साथ सीने में दबाव या सांस लेने में दिक्कत हो, तो यह गंभीर चेतावनी हो सकती है।
चक्कर आना और बेहोशी जैसा अनुभव
अचानक चक्कर आना, सिर हल्का लगना या बेहोशी जैसा महसूस होना भी खतरे का संकेत है। जब हृदय पर्याप्त मात्रा में रक्त पंप नहीं कर पाता, तो मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती। यदि ऐसा बार-बार हो रहा हो, तो तुरंत जांच करानी चाहिए।
किन लोगों को अधिक खतरा
कुछ लोगों में हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और धूम्रपान इसके प्रमुख कारण हैं। जिनके परिवार में पहले से हृदय रोग का इतिहास हो, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अत्यधिक तनाव, अनियमित नींद और व्यायाम की कमी भी जोखिम बढ़ाती है। आज की युवा पीढ़ी में जंक फूड का बढ़ता सेवन भी एक बड़ा कारण है।
लक्षण दिखें तो क्या करें
यदि ऊपर बताए गए लक्षणों में से कोई भी संकेत दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। लक्षण हल्के हों तब भी जांच कराना जरूरी है। देरी जानलेवा हो सकती है। आपात स्थिति में एम्बुलेंस बुलाएं और स्वयं वाहन चलाकर अस्पताल जाने से बचें। समय पर उपचार मिलने से जान बचाई जा सकती है।
बचाव ही सबसे बेहतर उपाय
हार्ट अटैक से बचने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है। रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें। संतुलित और पौष्टिक भोजन लें, जिसमें हरी सब्जियां और फल शामिल हों। धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें। नियमित हेल्थ चेकअप कराएं, विशेषकर ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच। तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करें।
जागरूकता ही सुरक्षा
हार्ट अटैक अचानक नहीं आता, शरीर पहले ही चेतावनी देता है। जरूरत है उन संकेतों को समझने और समय पर कार्रवाई करने की। छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़ी समस्या बन सकती हैं। यदि हम सतर्क रहें और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें, तो कई अनहोनी घटनाओं को रोका जा सकता है। स्वस्थ दिल ही स्वस्थ और खुशहाल जीवन की असली नींव है।
नोट: आर्टिकल में बताई गई विधि, तरीके के और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए हंै, इन पर अमल करने से पहले आप डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।














