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Thursday, February 26, 2026
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    Body Donation: पूज्य गुरु जी की प्रेरणा से चहुंओर गूंजा गुरचरण इन्सां अमर रहे

    Mansa News
    Body Donation: पूज्य गुरु जी की प्रेरणा से चहुंओर गूंजा गुरचरण इन्सां अमर रहे

    Body Donation: सरसा/मानसा (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की ओर से चलाई जा रही अमर सेवा मुहिम के तहत एक और दधीचि शामिल हो गए हैं। पंजाब के मानसा निवासी व वर्तमान में कनाडा निवासी गुरचरण सिंह इन्सां (81) सोमवार को अपनी स्वासों रूपी पूंजी पूरी कर कुल मालिक के चरणों में सचखंड जा विराजे। जोकि अचानक दिल धड़कन बंद होने से शरीर त्याग गए। Mansa News

    जीते जी मरणोपरांत शरीरदान करने का प्रण लेने वाले गुरचरण सिंह इन्सां का पार्थिव शरीर मंगलवार को ”आयु ज्योति आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल”, जोधपुरिया सरसा में दान किया गया। वे पिछले कुछ महीनों से स्थानीय एमएसजी कॉम्पलेक्स में रह रहे थे। उनको अंतिम विदाई देने के लिए डेरा सच्चा सौदा की प्रबधंकीय समिति के सदस्य, अलग-अलग राज्यों के सच्चे नम्र सेवादार, आसपास की कॉलोनियों के जिम्मेदार व साध-संगत शामिल हुई। फूलों से सजी एंबुलेंस में सचखण्डवासी के पार्थिव शरीर को रखकर अंतिम यात्रा उनके निवास से लेकर गांव में मुख्य मार्ग तक निकाली गई।

    चहुंओर गूंजा गुरचरण इन्सां अमर रहे…

    हर किसी के मुख पर मानवता के इस सच्चे प्रहरी का नाम था और गुरचरण सिंह इन्सां अमर रहे.. अमर रहे.. के नारे गूंज रहे थे। हर किसी का हाथ अपने आप सलामी के लिए उठ रहा था। इस मौके पर मौजूद गांव के गणमान्य नागरिकों ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा की ओर से चलाई गई शरीर दान मुहिम काबिले तारीफ है। क्योंकि एक डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल रिसर्च के लिए बॉडी का होना बहुत जरूरी है। डेरा सच्चा सौदा सेवादारों का ऐसी घड़ी में शरीर दान करना दूसरों के लिए भी मिसाल पैदा कर रहा है। Mansa News

    बता दें कि शरीरदानी गुरचरण सिंह इन्सां ने शाह मस्तान, शाह सतनाम जी धाम की कैंटीन व मानसा दरबार की कैंटीन में लम्बे समय तक सेवा निभाई। शरीरदानी अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। देहदानी के बेटे सच्चे नम्र सेवादार समरदीप सिंह इन्सां (कनाडा) ने बताया कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से हमारे पिता की देह दान की गई है। हमें गर्व है कि हमारे पिता की प्रतिज्ञाा को हमने पूरा किया और उन्होंने जीते जी तो सेवा की ही साथ में ही मरणोपरांत भी उनकी देह मेडिकल में रिसर्च करने वाले बच्चों के काम आकर शोध कार्य में सहयोग हो पाएगा।

    ”धन्य हैं पूज्य गुरु जी, जिनकी प्रेरणा से शरीरदार जैसे महान कार्य कर रहे हैं श्रद्धालु”

    आयु ज्योति आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हास्पिटल के वाइस प्रिंसिपल मनोज तिवारी ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को धन्यवाद देते हुए कहा कि धन्य हैं ऐसे गुरु जिनकी प्रेरणा से उनके अनुयायी शरीरदान जैसे महान कार्य करने में लगे हुए हैं। डेरा सच्चा सौदा के सेवादार शरीरदान करने में अग्रणी रहते हैं। मैं इस कार्य के लिए इनका आभारी रहूँगा।

    शाह सतनाम जी महाराज से प्राप्त की थी नाम की अनमोल दात

    बता दें कि सचखंडवासी शरीरदानी गुरचरण सिंह इन्सां ने पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज से 1974-75 में नाम की अनमोल दात प्राप्त की थी। उन्होंने पंजाब खादी ग्रामोद्योग विभाग में नौकरी की। वे अपनी ड्यूटी के साथ-साथ मानवता भलाई के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे। उन्होंने अपने परिवार में बेटों समरजीत इन्सां, मोहन सिंह इन्सां और बेटी सचखंड वासी प्रभजीत कौर इन्सां को दुनियावी शिक्षा के साथ-साथ डेरा सच्चा सौदा से जोड़ा। उनका पौत्र नरपिंदर सिंह इन्सां कनाडा में सच्च नम्र सेवादार के रूप में सेवा कर रहा है और समस्त परिवार डेरा सच्चा सौदा द्वारा किए जा रहे मानवता भलाई के कार्यों में अग्रणीय पंक्ति में भूमिका निभाता है। Mansa News