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    गेंहू उठान में हुई देरी का खामियाजा भुगत रहे आढती

    Kaithal News
    Kaithal News : गेंहू उठान में हुई देरी का खामियाजा भुगत रहे आढती

    खरीद एजेंसियों ने आढतियो की तरफ निकाला करीब 8 हजार क्विंटल गेंहू

    • मुद्दे को लेकर सीएम को भी सोंपा ज्ञापन

    कैथल (सच कहूं/कुलदीप नैन)। Kaithal News: गेंहू के सीजन में खरीद एजेंसियों की तरफ से गेहूं उठान में की गई देरी का नुकसान आढ़तियों को उठाना पड़ रहा है। अनाज मंडी के आढ़तियों को करीब आठ हजार क्विंटल गेहूं की भरपाई के लिए खरीद एजेंसियों की तरफ से दबाव बनाया जा रहा है। इस गेहूं की कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है। अगर गेहूं की घटौती को आढ़तियों की तरफ से नहीं दिया जाएगा तो आढ़तियों को मिलने वाली आढ़त में से यह राशि काट ली जाएगी। आढ़तियों ने घटौती की माफी को लेकर पिछले दिनों कैथल पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सैनी को ज्ञापन भी सौंपा है। Kaithal News

    बता दे कि सरकार 12 प्रतिशत नमी का गेहूं खरीदती है जिसे खरीद एजेंसियों की तरफ से सीजन में 48 घंटे में गेंहू का उठान करना होता है, लेकिन आठ से दस दिन तक भी उठान नहीं होता। गर्मी के कारण नमी में लगभग तीन प्रतिशत तक की कमी आ जाती है। इस कारण खुले में रखे गेहूं के कट्टों का वजन कम हो जाता है। जिसका खामियाजा आढ़तियों को भुगतना पड़ रहा है। आढतियो ने अब सीएम से भी यही मांग की है कि खरीद एजेंसियों की तरफ से भरपाई के लिए जो दबाव बनाया जा रहा है, वो ठीक नहीं है।

    हर बार आढ़तियों को उठाना पड़ रहा नुकसान : धर्मपाल | Kaithal News

    नई अनाज मंडी एसोसिएशन के चेयरमैन धर्मपाल कठवाड़ ने बताया कि गेहूं सीजन में समय पर उठान न होने के कारण गेहूं का वजन कम हो जाता है। इसके बाद यह भरपाई आढ़तियों पर की जाती है। इस कारण आढ़तियों को हर सीजन में लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार से मांग करते हैं कि घटौती को माफ किया जाए।

    आठ हजार क्विंटल गेहूं की घटौती निकाली : सोहन

    अतिरिक्त अनाज मंडी प्रधान सोहन ढुल ने बताया कि पिछले सीजन में भी करीब छह हजार क्विंटल गेहूं आढ़तियों की तरफ निकाला गया था। पौने दो करोड़ से ज्यादा कीमत बनती थी। मुश्किल से 40 प्रतिशत ही कम किया था। अब फिर से आठ हजार क्विंटल गेहूं आढ़तियों की तरफ निकाल दिया। इसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपये बनती है। आढ़तियों को हर सीजन में इसका नुकसान उठाना पड़ता है। इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी को ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने सहायक प्रिसिंपल सेक्ट्ररी की ड्यूटी लगाई है। उनकी मांग है कि इस घटौती को माफ किया जाए। Kaithal News

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