झिंझाना (सच कहूँ/राकेश वर्मा)। Jhinjhana News: कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर पिछले करीब दो वर्षों से बंद पड़ी आपातकालीन सेवाओं को आखिरकार उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुनः बहाल कर दिया गया है। सेवाओं के शुरू होते ही क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है और कस्बे में खुशी की लहर दौड़ गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले दो वर्षों से बंद पड़ी आपातकालीन सेवाओं को बहाल कर दिया गया है।अब तक आपातकालीन स्थिति में मरीजों को उपचार के लिए ऊन या अन्य दूरस्थ अस्पतालों में जाना पड़ता था, जिससे कीमती समय की बर्बादी होती थी और कई बार मरीजों की हालत गंभीर हो जाती थी। विशेषकर रात के समय महिलाओ बुजुर्गों और दुर्घटना में घायल लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
आपातकालीन सेवाएं बंद होने का असर पुलिस कार्यप्रणाली पर भी पड़ रहा था। पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए ऊन ले जाना पड़ता था, जिससे समय, संसाधन और सरकारी खर्च पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। अब सीएचसी में ही मेडिकल की सुविधा उपलब्ध होने से पुलिस को भी बड़ी राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्णय जनहित में बेहद महत्वपूर्ण है। क्षेत्रवासियों ने उच्चाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि अब अस्पताल में डॉक्टरों की नियमित तैनाती, दवाओं की उपलब्धता और सुविधाओं की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें । सेवाओं के बहाल होने से झिंझाना कस्बे सहित आसपास के गांवों के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डाक्टर रजत चौहान ने बताया आपातकालीन सेवाओं को लेकर क्षेत्र के लोगों की शिकायत मिल रही थी। जिसको लेकर उच्चाधिकारियों को लगातार अवगत कराया जा रहा था, परिणाम स्वरूप आपातकालीन सेवाओं को बहाल कर दिया है।अब क्षेत्र के लोगों को ऊन नहीं जाना पड़ेगा,24 घंटे सेवा उपलब्ध रहेगी।प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ऊन डाक्टर तरुण चौधरी ने बताया झिंझाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले दो वर्षों से आपातकालीन सेवा बंद थी। जिसको लेकर जहां आमजन को परेशानी हो रही थी,वहीं पुलिस को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था। लेकिन बुधवार को आपातकालीन सेवा सुचारू हो गई है। Jhinjhana News
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