हमीरपुर (सच कहूँ न्यूज़)। UP Railway: हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। शासन ने सुमेरपुर–बांदा–तिंदवारी मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक संख्या 31-सी पर ₹74.35 करोड़ की लागत से टू-लेन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज की भी सहमति मिल चुकी है।
जाम से मिलेगी स्थायी राहत
सुमेरपुर कस्बे से गुजरने वाली रेलवे लाइन पर ट्रेनों का आवागमन अधिक होने के कारण यह फाटक दिन में कई बार बंद रहता है। इससे फाटक के दोनों ओर घंटों लंबा जाम लग जाता है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ओवरब्रिज बनने के बाद लोगों को फाटक खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और यातायात सुचारू रूप से चलता रहेगा।
आपात सेवाओं को होगी बड़ी सुविधा | UP Railway
रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण से एम्बुलेंस, स्कूल बसों, फायर ब्रिगेड और अन्य आपात सेवाओं को बड़ी राहत मिलेगी। अब मरीजों को अस्पताल पहुंचाने या बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने में अनावश्यक देरी नहीं होगी।
व्यापार और विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस ओवरब्रिज के बन जाने से सुमेरपुर कस्बे के व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। ट्रैफिक जाम से होने वाले नुकसान में कमी आएगी और आसपास के इलाकों से संपर्क और बेहतर होगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
जल्द शुरू हो सकता है निर्माण कार्य
रेलवे और शासन की मंजूरी के बाद अब जल्द ही इस परियोजना पर निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों में इस फैसले को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और इसे लंबे समय से चली आ रही मांग का पूरा होना माना जा रहा है।
निष्कर्ष
₹74.35 करोड़ की लागत से बनने वाला यह टू-लेन रेलवे ओवरब्रिज सुमेरपुर कस्बे के लिए यातायात, सुरक्षा और विकास तीनों लिहाज से बेहद अहम साबित होगा। यह परियोजना न सिर्फ जाम की समस्या को खत्म करेगी, बल्कि कस्बे की रफ्तार को भी नई दिशा देगी।
इन जिलों में बिछाई जाएगी नई रेलवे लाइन
वहीं रेल मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, जिन जिलों में नई रेलवे लाइनों के निर्माण की योजना है, उनमें प्रमुख रूप से[जिलों के नाम यहाँ डालें जैसे कि झ्र प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिजार्पुर, चंदौली, बलरामपुर, श्रावस्ती, अमेठी आदि शामिल हैं। इन क्षेत्रों को अब तक सीमित रेल संपर्क की वजह से परिवहन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, ‘नई रेलवे लाइनों की स्वीकृति से इन पिछड़े और दूरदराज क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। इससे न केवल यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी बल्कि किसानों, छोटे व्यापारियों और छात्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा। UP Railway
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