डंपिंग, स्टोरेज और निर्माण पर लगाई पूरी तरह पाबंदी
- रिहायशी क्षेत्र में कूड़ा डंप से लोगों की सेहत और पर्यावरण को खतरा बताया
संगरूर (सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह)। Sangrur News: माननीय अदालत ने वार्ड नंबर 11 के संत कबीर दास पार्क के पास स्थित रिहायशी गली में नगर परिषद द्वारा बनाई गई दीवार और कूड़ा डंप को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने नगर परिषद को इस स्थान पर किसी भी तरह की डंपिंग, स्टोरेज और निर्माण पर पूरी तरह पाबंदी लगाने के आदेश दिए हैं। साथ ही अंतिम निर्णय आने तक इन आदेशों की सख्ती से पालना करने के निर्देश दिए गए हैं। एडवोकेट विक्रम मनचंदा ने अदालत को बताया कि नगर परिषद ने लगभग 15 फुट चौड़ी गली में दीवार बनाकर कूड़ा डंप तैयार किया है, जबकि यह गली लंबे समय से स्थानीय निवासियों के आवागमन के लिए उपयोग में रही है। गली को कूड़ा फेंकने और इकट्ठा करने के लिए इस्तेमाल किए जाने से इलाके में बदबू, प्रदूषण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। पिछले ढाई वर्षों से निवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
सिविल जज (जूनियर डिवीजन, संगरूर) सलील गोयल ने कहा कि नगर परिषद अपने क्षेत्र में सफाई बनाए रखने के लिए बाध्य है, लेकिन यह जिम्मेदारी कानून और जनहित के अनुसार पूरी की जानी चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि भले ही जमीन नगर परिषद की हो, लेकिन इसे कूड़ा डंप में बदलना लोगों की जान और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। अदालत ने माना कि यदि डंपिंग जारी रही तो निवासियों को अपूरणीय क्षति हो सकती है। अदालत ने किसी भी तरह की डंपिंग, स्टोरेज और निर्माण पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। Sangrur News
नगर परिषद् तुरंत कूड़ा डंप हटाए: पार्षद
वार्ड पार्षद आशा रानी ने कहा कि रिहायशी क्षेत्र में कूड़ा डंप बनाना लोगों को त्रासद जीवन जीने के लिए मजबूर कर रहा है। नगर परिषद खुलेआम लोगों की जान से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आदेश जारी किए हैं और परिषद को तुरंत कूड़ा डंप हटाकर लोगों को राहत देनी चाहिए।
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