
प्रताप नगर (सच कहूं/राजेंद्र कुमार) बेलगढ़ में अवैध खनन को लेकर सच कहूं में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के बाद एनफोर्समेंट की टीम ने खनन क्षेत्र का दौरा किया। लेकिन खनन तस्करों ने सूचना तंत्र प्रणाली का फायदा उठाते हुए काम को बंद रखा और बेलगढ़ खनन क्षेत्र का दौरा करने आई एनफोर्समेंट की टीम खाली हाथ ही लौट आई।
आपको बता दें बेलगढ़ में अवैध तरीके से बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता है। यह अवैध खनन यमुना नदी और यमुना की पटरी के साथ-साथ निरंतर हो रहा है। यहां से खनन कर सामग्री पास ही लगे स्क्रीन प्लाटों पर सप्लाई की जाती है। बेलगढ़ में खनन के खेल को सूचना तंत्र के सहारे ही अंजाम दिया जाता है। क्योंकि बेलगढ़ में किसी भी तरह की मंजूर सुदा साइट या घाट नहीं है। बावजूद इसके बेलगढ़ में आज तक अवैध खनन का कार्य नहीं रुका है। खनन क्षेत्र में किसी भी अंजान गाड़ी, अनजान व्यक्ति, अधिकारी या कोई भी मीडिया पर्सन दाखिल होता है तो इसकी सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से तुरंत खनन तस्करों तक पहुंच जाती है और मिनटो में ही बड़े स्तर का हो रहा अवैध खनन का कार्य बंद हो जाता है।
वहीं कुछ खनन तस्कर इस बात का भी दावा करते हैं कि वह इस कार्य को सेटिंग करने के बाद ही अंजाम देते हैं अर्थात सुविधा शुल्क देकर अवैध खनन का कार्य लगातार जारी है। बेलगढ़ में हो रहे इस अवैध खनन से वन विभाग, पंचायत विभाग, सिंचाई विभाग की जमीनों को खोदकर सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया जा चुका है।
जानकारी देते हुए इनफोर्समेंट टीम के इंचार्ज रोहतास कुमार ने बताया कि बेलगढ़ में हो रहे अवैध खनन की सूचना पर वे खनन क्षेत्र में गए थे। लेकिन उनको बेलगढ़ में खनन का कार्य चलता नहीं मिला। उन्होंने बताया कि सूचना तंत्र से बचने के लिए उन्होंने निजी वाहन का सहारा भी लिया लेकिन खनन जॉन क्षेत्र में उनके जाने की सूचना से बेलगढ़ खनन क्षेत्र में खनन का कार्य पूरी तरह से बंद रहा। वह यमुना नदी में खनन कर रहे वाहनों को पकड़ने के लिए यमुना नदी में भी गए लेकिन वहां पर खनन का कार्य कर रहे ट्रैक्टर ट्राली उत्तर प्रदेश की ओर फरार हो गए। उन्होंने बताया कि वह निरंतर अवैध खनन पर जांच रखे हुए हैं और किसी भी सूरत में अवैध खनन का कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी यह कार्रवाई आगामी भविष्य में भी जारी रहेगी।














