हमसे जुड़े

Follow us

26.3 C
Chandigarh
Tuesday, February 17, 2026
More
    Home राज्य हरियाणा खेर के हरे भर...

    खेर के हरे भरे पेड़ों पर चला वन माफिया का कुल्हाड़ा, कुंभकर्णी नींद सो रहा वन विभाग

    Khizrabad News
    Khizrabad News: खेर के हरे भरे पेड़ों पर चला वन माफिया का कुल्हाड़ा, कुंभकर्णी नींद सो रहा वन विभाग

    खिजराबाद (सच कहूं/राजेन्द्र कुमार)। Khizrabad News: भूड़ कलां से दादूपुर जाने वाली नहर की पटरी के किनारे से सेखू माजरा गांव के नजदीक खैर के पेड़ों पर वन माफिया की कुल्हाड़ी चली प्राप्त जानकारी अनुसार वन माफिया नहर के किनारे खड़े एक दर्जन के लगभग काफी पुराने पेड़ चोरी से काट ले गया। वन माफिया द्वारा काटे गए पेड़ों की बाजार में कीमत लाखों रुपए में है। खैर के पेड़ की लकड़ी कथा बनाने व विभिन्न दवाइयां में इस्तेमाल होती है । जिस कारण वन माफिया जंगल में व नहर की पटरिया के किनारे खड़े खेर के पेड़ों पर नजर गडाए रखता हैं। वन विभाग के कर्मचारी की लापरवाही के चलते वन माफिया खैर के इन कीमती पेड़ों पर हाथ साफ कर लेते हैं। Yamunanagar News

    अब सोचने का विषय यह है कि इसे वन विभाग की लापरवाही कहे या मिली भगत। खैर के पेड़ काट कर वन माफिया मालामाल हो रहे हैं और वन विभाग धृतराष्ट्र बना बैठा है। ऐसा नहीं है कि खैर के पेड़ों पर चल रही वन माफिया की कुल्हाड़ी के बारे में वन विभाग के अधिकारियों को कुछ पता नहीं है। सच्चाई तो यह है कि वह सब कुछ जानते हुए भी आंखों पर पट्टी बांध कर बैठे हुए हैं। जंगल में बड़ी मात्रा में काटे गए खैर के पेड़ ही इस बात की गवाही देते हैं कि बिना वन विभाग के कर्मचारी की मिलीभगत के पेड़ों पर कुल्हाड़ी नहीं चल सकती। वन माफिया के हौसले इतने बुलंद है कि हर रोज जंगल से खेर के कीमती पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है। क्षेत्रवासी टोनी, राजू, सुशील, रवि, विनीत, रिंटू, राकेश आदि का कहना है की वन विभाग के कुछ कर्मचारी की वन माफिया के साथ मिलीभगत है। Yamunanagar News

    इसी वजह से अवैध रूप से पेड़ों की कटाई बैखोफ होती है। वन विभाग के ऐसे कर्मचारी वनों की रक्षा करने नहीं, बल्कि वन माफिया से सांठगांठ करके अपनी जेबें गर्म करने में लगे हुए हैं। इसकी तह तक जांच होनी चाहिए कि जब वन विभाग के कर्मचारी मुस्तेदी से अपनी ड्यूटी करते हैं तो फिर खैर के कीमती दर्जनों पेड़ कैसे काटे जा रहे हैं। मालूम पड़ा है कि वन माफिया ने कुछ ही दिनों में एक दर्जन के करीब खैर के पेड़ काट लिए। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जब तक सरकार व विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा जंगलों को बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता तब तक वन माफिया यूं ही वनों को उजाड़ता रहेगा। यही हाल रहा तो कुछ समय में जंगल से खेर के कीमती पेड़ खत्म हो जाएंगे।

    इस बारे में बात करने पर चीफ कंजरवेटर आफ फॉरेस्ट नॉर्थ सर्कल का कहना था कि मैं अभी चेक करवाती हूं।

    यह भी पढ़ें:– पंजाब के शाही इमाम द्वारा ‘काइज़न इंस्टीट्यूट ऑफ नॉलेज’ का भव्य उद्घाटन

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here